ध्यान रहे! कोरोना जाति, धर्म, उम्र, परिवार कुछ नहीं देखता है। सावधानी एवं सामाजिक दूरी ही इसका बचाव है। पीतल कारोबारी के दूसरे भाई की भी कोरोना से शनिवार को मौत हो गई। कारोबारी की मौत पहले ही हो चुकी है।
हालांकि सबसे बड़े भाई की मौत को हार्ट अटैक से होना बताया जा रहा है पर स्वास्थ्य विभाग इसे संदिग्ध मान रहा है। इस परिवार के कई लोगों को कोरोना पुष्ट हो चुका है और परिवार रिश्तेदार समेत पचास लोग क्वारंटीन हैं। 22 दिन में तीसरे भाई की भी मौत होने से इस परिवार में कोहराम मचा है।
एक लापरवाही से नवाबपुरा के पीतल कारोबारी का पूरा परिवार बिखर गया है। महीने भर के अंदर एक के बाद तीन भाइयों की मौत हो गई है। नवाबपुरा के पीतल कारोबारी चार भाई हैं। उनके छोटे भाई ने भी शनिवार तड़के टीएमयू में दम तोड़ दिया।
इससे पूर्व मृतक के एक भाई की अप्रैल के पहले सप्ताह में और खुद पीतल कारोबारी की 13 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से ही मौत हो चुकी है। हालांकि बड़े भाई की मौत को हार्ट अटैक बताया जा रहा है पर स्वास्थ्य विभाग इसे भी संदिग्ध मान रहा है।