अंदरूनी सूजन से कैंसर व हार्ट अटैक तक का खतरा ; डाइट में करें ये बदलाव तो रहेंगे हमेशा महफूज

बरेली। इन्फ्लेमेशन अंदरूनी सूजन शरीर का एक प्राकृतिक रक्षा तंत्र (नेचुरल डिफेंस मेकैनिज्म) है, जो किसी चोट, इन्फेक्शन या समस्या के समय एक्टिव होता है। लेकिन मुसीबत तब शुरू होती है जब समस्या ठीक होने के बाद भी यह सूजन खत्म नहीं होती। इस स्थिति को क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन कहा जाता है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाली यह अंदरूनी सूजन शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है।

​हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय तक शरीर में सूजन रहने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है:
​दिल की बीमारियां (हार्ट डिजीज)
​टाइप-2 डायबिटीज
​जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द
​आर्थराइटिस (गठिया)
​यहां तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी
​वजह: आपकी लाइफस्टाइल ही बन रही है दुश्मन
​खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी (एक्सरसाइज न करना), लगातार बना रहने वाला तनाव (स्ट्रेस) और स्मोकिंग क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन को बढ़ावा देते हैं। अच्छी खबर यह है कि लाइफस्टाइल और डाइट में छोटे-छोटे बदलाव करके इस खतरे से बचा जा सकता है।
​रामबाण इलाज: ‘एंटी-इन्फ्लेमेटरी डाइट’ अपनाएं
​एक्सपर्ट्स के अनुसार, शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने के लिए मेडिटेरेनियन डाइट (Mediterranean Diet) सबसे बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।
​थाली में क्या शामिल करें?
​हरी सब्जियां और ताजे फल
​दालें और प्रोटीन से भरपूर चीजें
​साबुत अनाज (Whole Grains)
​नट्स, बीज (Seeds) और अनसैचुरेटेड हेल्दी फैट्स
​किन चीजों से तुरंत बना लें दूरी?
​हाई प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड
​वाइट ब्रेड
​मीठे ड्रिंक्स और सोडा
​तली-भुनी (फ्राइड) चीजें
​जोड़ों के दर्द और दिल के लिए वरदान
​रिसर्च बताती है कि एंटी-इन्फ्लेमेटरी डाइट वजन, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर दिल को सुरक्षित रखती है। हालांकि यह आर्थराइटिस को पूरी तरह जड़ से खत्म नहीं कर सकती, लेकिन सूजन के स्तर को घटाकर जोड़ों के दर्द और बीमारी के लक्षणों पर जबरदस्त नियंत्रण जरूर पा सकती है।

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पं.सत्यम शर्मा

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