
बरेली। राशन की दुकान पर बार-बार ई-पॉस मशीन पर अंगूठा घिसने और “फिंगरप्रिंट मिसमैच” की झंझट से अब जल्द ही छुट्टी मिलने वाली है । खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (e-PDS) में चेहरा प्रमाणीकरण (Face Authentication) की आधुनिक व्यवस्था लागू कर दी है। अब सिर्फ चेहरा स्कैन करवाकर लाभार्थी अपने हिस्से का पूरा राशन प्राप्त कर सकेंगे।
क्या है यह नई प्रणाली और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्यान्न वितरण के दौरान लाभार्थी की पहचान का मिलान अनिवार्य होता है। कई बार बुजुर्गों, शारीरिक मेहनत करने वाले श्रमिकों और छोटे बच्चों के उंगलियों के निशान घिस जाने या हल्के होने के कारण e-PoS मशीन बायोमेट्रिक डेटा स्वीकार नहीं कर पाती थी।
इस नई व्यवस्था के तहत:
राशन वितरण के लिए अब चेहरे की पहचान (Facial Recognition) को एक मान्य और आधिकारिक विकल्प बना दिया गया है।
फिंगरप्रिंट की व्यवस्था बंद नहीं की गई है; फेस स्कैनिंग को एक अतिरिक्त और सुरक्षित बैकअप के रूप में जोड़ा गया है।
यह पूरी प्रक्रिया ‘Aadhaar FaceRD App’ और ‘Mera eKYC App’ जैसी सुरक्षित तकनीकों के जरिए संचालित होती है।
राशन दुकान पर कैसे काम करेगा फेस ऑथेंटिकेशन?
दुकान पर उपस्थिति: लाभार्थी राशन डीलर के पास जाकर अपना राशन कार्ड नंबर दर्ज कराएगा।
कैमरा स्कैन: e-PoS मशीन या डीलर के अधिकृत स्मार्टफोन के कैमरे के सामने लाभार्थी को खड़ा होना होगा।
लाइव सत्यापन: ऐप पलक झपकाने (Blink) का निर्देश देकर लाइव फेस मैच करेगा, ताकि किसी फोटो या वीडियो का दुरुपयोग न हो सके।
राशन प्राप्ति: डेटाबेस से चेहरा मैच होते ही सिस्टम से पर्ची निकल जाएगी और खाद्यान्न जारी कर दिया जाएगा।
आम उपभोक्ताओं के बड़े सवाल और उनके सटीक जवाब
क्या अब अंगूठा लगाना पूरी तरह बंद हो गया है?
नहीं। यदि आपका फिंगरप्रिंट आसानी से स्कैन हो जाता है, तो आप सामान्य रूप से राशन ले सकते हैं। चेहरा दिखाने का नियम मुख्य रूप से फिंगरप्रिंट फेल होने की स्थिति में राहत देने के लिए है।
क्या इसके लिए कोटेदार या डीलर को कोई अतिरिक्त शुल्क देना होगा?
बिल्कुल नहीं। फेस ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी कराने की पूरी प्रक्रिया सरकारी नियमों के तहत 100% मुफ्त है। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत तुरंत हेल्पलाइन पर दर्ज कराई जा सकती है।
अगर फिंगरप्रिंट और फेस स्कैन दोनों फेल हो जाएं, तब क्या होगा?
तकनीकी समस्या आने पर डीलर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP (वन टाइम पासवर्ड) का उपयोग करेगा। यदि नेटवर्क न हो, तो ‘एक्सेप्शन लॉग’ (अपवाद रजिस्टर) में प्रविष्टि करके राशन देने का स्पष्ट सरकारी प्रावधान है।