
बरेली । थाना सुभाषनगर क्षेत्र अंतर्गत पिछले साल सोनू उर्फ विकास की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस खौफनाक वारदात के बाद से ही मुख्य आरोपी सोनू कश्यप उर्फ फुन्नु पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस के मुताबिक, फुन्नु गिरफ्तारी से बचने के लिए दूसरे राज्यों में जाकर मेलों में दुकानें लगाकर अपनी पहचान छिपाए हुए था। लेकिन जैसे ही वह अपनी बहन से मिलने बरेली पहुंचा, थाना सुभाषनगर प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार नैन और उनकी टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर रामगंगा तिराहे से उसे धर दबोचा।
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी फुन्नु ने पूछताछ में जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। आरोपी ने बताया कि मृतक सोनू उर्फ विकास आए दिन उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था।
फुन्नु के मुताबिक, मृतक ने उसकी मां पर भी हाथ उठाया था, जिसका बदला लेने की आग उसके सीने में जल रही थी। घटना वाले दिन जब वे लोग बातचीत करने पहुंचे, तो विवाद बढ़ गया और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर सोनू को मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आए एक अन्य युवक पर भी जानलेवा हमला किया गया था।
इस मामले में पुलिस चार आरोपियों—देवेंद्र, मिथुन, भीमसेन और प्रेमसिंह—को पहले ही जेल भेज चुकी है। अब 18 महीने बाद मुख्य आरोपी सोनू उर्फ फुन्नु को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।