
बरेली। जिला कारागार में निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया। वर्तमान में जेल में 27 निरक्षर बंदी हैं, जिनका पंजीकरण कर लिया गया है।
मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी ने अभियान का शुभारंभ करते हुए बंदियों को पुस्तक, कॉपी, पेन, पेंसिल व स्लेट की किट वितरित की। उन्होंने बंदियों से जेल में समय का सदुपयोग करते हुए पढ़ाई-लिखाई कर बेहतर इंसान बनने का आह्वान किया।
बंदियों को शिक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षक की तैनाती की गई है, जो प्रतिदिन तीन से चार घंटे पढ़ाएंगे। 20 सितंबर को साक्षरता परीक्षा आयोजित होगी। साथ ही कक्षा-5, 8, हाईस्कूल, इंटर व डिग्री स्तर की शिक्षा की भी व्यवस्था की जा रही है।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक मौ. अकरम खां, जेल अधीक्षक आलोक कुमार शुक्ला, डिप्टी जेलर राजेंद्र सिंह वर्मा, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सौमित्र देव त्रिपाठी, देवदत्त, जिला समन्वयक साक्षरता आशीष, शिक्षाध्यापक संजीव गंगवार, चीफ हेड वार्डर रामगोपाल सिंह एवं महिला जेल वार्डर रीना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।