
बरेली। जाट रेजिमेंटल सेंटर में सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) की ओर से बीते 14 सितंबर से संचालित अग्निवीर भर्ती रैली अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस बीच, मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के अपर महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल मनीष कुमार (वाईएसएम, एसएम) ने 23 और 24 सितंबर को भर्ती स्थल का विस्तृत दौरा किया। उन्होंने लगातार दो दिनों तक मैदान पर रहकर शारीरिक दक्षता, मेडिकल परीक्षण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बारीकी से समीक्षा की।
‘देश सेवा का जज्बा काबिले तारीफ’
निरीक्षण के दौरान जनरल ऑफिसर ने विभिन्न चरणों की बाधाएं पार कर चुके युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कड़े अनुशासन, कड़ी मेहनत और राष्ट्र सेवा के प्रति युवाओं के अटूट संकल्प की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

दलालों और फर्जी आईडी के इस्तेमाल पर कड़ी चेतावनी
मेजर जनरल मनीष कुमार ने अभ्यर्थियों को आगाह करते हुए कहा कि वे भर्ती के लिए केवल सेना के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें। किसी भी बिचौलिए, दलाल या असामाजिक तत्व के झांसे में न आएं।
उन्होंने उम्र छिपाने या हेरफेर के लिए कई पहचान-पत्रों (मल्टीपल आईडी) का सहारा लेने वालों को दो-टूक चेतावनी दी कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह हाईटेक और पारदर्शी है; ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े में लिप्त पाए जाने पर सीधे कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।
सिविल प्रशासन के साथ समन्वय पर जोर
नागरिक प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत में उन्होंने फर्जी पहचान और दस्तावेजों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने संबंधित जांच एजेंसियों से दस्तावेजों के कड़े और प्रभावी सत्यापन पर बल दिया ताकि भर्ती की शुचिता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने रैली के सफल व निर्बाध संचालन के लिए सेना और जिला प्रशासन के बीच दिखे बेहतरीन तालमेल की सराहना की।
जमीनी स्तर पर तैनात जवानों का बढ़ाया हौसला
एडीजी ने भर्ती ड्यूटी में तैनात एआरओ बरेली के अधिकारियों व जवानों से मिलकर उनके समर्पण और प्रोफेशनलिज्म की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्षता, पारदर्शिता और उच्च स्तरीय सत्यनिष्ठा के साथ पूरा कराना सेना की सर्वोच्च प्राथमिकता है।