
बरेली। श्रावण मास में कांवड़ यात्रियों और आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी के आदेश, सहायक आयुक्त (खाद्य)-2 के निर्देश तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के नेतृत्व में 12 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की 5 टीमों ने प्रमुख कांवड़ मार्गों पर स्थित ढाबों, होटल, रेस्टोरेंट, ठेलों, रेहड़ी-पटरी और फल विक्रेताओं का सघन निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान रामगंगा पुल, सुभाषनगर, लाल फाटक से बैरियर-2, सेटेलाइट क्षेत्र और बदायूं रोड सहित प्रमुख मार्गों पर 309 खाद्य प्रतिष्ठानों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ का ग्राहक फीडबैक क्यूआर कोड चस्पा किया गया। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर ग्राहक प्रतिष्ठान की पूरी जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकेंगे

निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, हाइजीन, ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री परोसने के निर्देश दिए गए। खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंग और खुले मसालों के प्रयोग पर रोक लगाने के साथ केवल ताजे फलों के उपयोग और ताजा भोजन परोसने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग ने साफ चेतावनी दी कि कटे-फटे और सड़े हुए फलों की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।