
बरेली। थाना इज्जतनगर के ग्राम भूड़ा में चल रहा अवैध आइसक्रीम का कारोबार न सिर्फ लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है, बल्कि सीधे तौर पर बड़ी कंपनियों के नाम की आड़ में जालसाजी का गढ़ बन चुका है। यहां संचालित ‘श्री साईं’, ‘बाला जी’ और ‘कृष्णा’ नामक तीन फैक्ट्रियों में तैयार होने वाली घटिया आइसक्रीम को खपाने के लिए नामी-गिरामी ब्रांड्स की हूबहू नकल की जा रही है।
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन फैक्ट्रियों में तैयार होने वाली आइसक्रीम के रैपर और लोगो इस चालाकी से तैयार किए जाते हैं कि वे दूर से देखने पर प्रसिद्ध ब्रांड ‘वाडीलाल’ (Vadilal)जैसे दिखाई देते हैं। ग्रामीण अंचलों और देहात की सीधी-सादी, अशिक्षित जनता अक्षरों का अंतर नहीं समझ पाती और इन नकली रैपरों को देखकर इसे असली ब्रांडेड आइसक्रीम समझकर खरीद लेती है। चंद रुपयों के लालच में बच्चों और ग्रामीणों को यह ‘धीमा जहर’ धड़ल्ले से परोसा जा रहा है, जो उनके लीवर और पेट को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है।
फैक्ट्रियों के अंदर का नजारा और भी खौफनाक है। गंदगी के बीच बन रही इस आइसक्रीम की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं हैं। अग्निशमन (फायर सेफ्टी) के नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। रोज़ सुबह होते ही इन फैक्ट्रियों से तीन दर्जन से अधिक ठेलियां निकलती हैं, जो शहर के कोनों से लेकर रिठौरा और ग्रामीण इलाकों की गलियों तक इस मिलावटी खेल को फैला देती हैं।
इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस फर्जीवाड़े को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ तथाकथित मीडियाकर्मियों और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के चलते आज तक इन फैक्ट्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुविधा शुल्क के दम पर नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ब्रांडेड कंपनियों के नाम और लोगो की हूबहू नकल कर जनता को ठगने वाले इन जालसाजों पर कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी का मुकदमा कब दर्ज होगा?
घनी आबादी के बीच बिना फायर एनओसी के चल रहे इन अवैध कारखानों को सील करने की जहमत अधिकारी कब उठाएंगे? क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिलाधिकारी और कमिश्नर से इस गंभीर मामले की उच्च स्तरीय व गोपनीय जांच कराकर मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।