
बरेली। निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र, पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बरेली पहुंचकर गो संरक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वृहद गो संरक्षण केंद्र वीरपुर, अस्थाई गो आश्रय स्थल पचौमी और हरेला, फरीदपुर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।
निरीक्षण के बाद सर्किट हाउस बरेली में अपर निदेशक पशुपालन विभाग, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी सहित जनपद के सभी उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी एवं पशुचिकित्सा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोवंशों को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, पशु आहार, भूसा और गुड़ उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी सेहत बेहतर बनी रहे।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 100 से कम गोवंश वाले गो आश्रय स्थलों को बंद करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात से पहले अपने-अपने क्षेत्रों के गो आश्रय केंद्रों और ग्रामों में पशुओं का शत-प्रतिशत एचएस टीकाकरण सुनिश्चित कराया जाए।

निदेशक ने एफएमडी टीकाकरण एवं कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित कार्यों को भी गंभीरता से लेते हुए सभी विवरण भारत पशुधन ऐप पर समय से अपलोड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण और पशु स्वास्थ्य योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।