
बरेली। जनपद में पुलिस विभाग के अंदर अनुशासन और जवाबदेही को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बड़ा और सख्त संदेश दिया है। कर्तव्यों में लापरवाही, सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन और गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेते हुए SSP ने तीन उप निरीक्षकों पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की है।
इंस्टाग्राम पोस्ट पड़ा भारी, दरोगा लाइन हाजिर
सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करते हुए इंस्टाग्राम आईडी si_shubh_thakur से पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया। जांच में यह आईडी थाना फरीदपुर में तैनात उप निरीक्षक शुभम सोम की पाई गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए SSP अनुराग आर्य ने तत्काल प्रभाव से दरोगा शुभम सोम को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही पूरे मामले की प्रारंभिक जांच शुरू करा दी गई है।
अवैध हिरासत और 50 हजार लेने के आरोप में दरोगा सस्पेंड
थाना प्रेमनगर में तैनात उप निरीक्षक शुभम चौधरी पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता राहुल शंखधार ने आरोप लगाया कि दरोगा ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखकर मारपीट की और ₹50 हजार लेकर सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP ने तत्काल दरोगा शुभम चौधरी को निलंबित कर निष्पक्ष और गहन जांच के आदेश दे दिए हैं।

महिला प्रकरण में लापरवाही पड़ी भारी, उप निरीक्षक निलंबित
महिला संबंधी शिकायत में कार्रवाई न करना थाना हाफिजगंज में तैनात उप निरीक्षक चन्द्रपाल सिंह को भारी पड़ गया। आरोप है कि मोबाइल तोड़ने, छेड़खानी और पीछा करने की शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई।
पीड़िता को न्याय के लिए उच्चाधिकारियों के सामने पहुंचना पड़ा, जिसके बाद SSP ने प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही मानते हुए उप निरीक्षक चन्द्रपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, संवेदनशील मामलों में लापरवाही और किसी भी प्रकार की अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“जनता के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई तय है…”