
चंद वीआईपी इलाकों तक ही सिमट गया विद्युत विभाग
का विकास
बरेली। आंवला-बरेली से समाजवादी पार्टी से सांसद नीरज मौर्य द्वारा लोकसभा में ग्रामीण बिजली वितरण व्यवस्था को सुधारने तथा जर्जर विद्युत तारों को बदले जाने वाली आरडीएसएस योजना को लेकर पूछे गए प्रश्न से रोचक जानकारी सामने आई है ।
उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में योजना के तहत स्वीकृत 21204 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का तीस प्रतिशत हिस्सा (6314 करोड़) पहले से ही संतृप्त कुल पांच चुनिंदा वीआईपी जिलों वाराणसी, कानपुर, नौयडा, लखनऊ और प्रयागराज में खर्च किया गया है। जबकि जर्जर विद्युत तारों की समस्या से जूझ रहे शेष 70 सामान्य जनपदों को शेष 70 प्रतिशत (14890 करोड़) में निबटा दिया गया हैं।
एक तरफ भारतीय जनता पार्टी की सरकार सबके साथ और सबके विकास की बात करती है। मगर जब योजनाओं का लाभ लेना होता है तो चंद वीआईपी क्षेत्रों तक सीमेंट के रह जाता है भाजपा का विकास ।