151 किलो गंगाजल लेकर एटा पहुँचे बटेश्वर कावड़ यात्री, धर्म-आस्था बनाम शिक्षा पर उठे सवाल

एटा, श्रावण मास के पवित्र अवसर पर आगरा जनपद की वाह तहसील के 12 युवकों का एक दल बटेश्वर मंदिर में जलाभिषेक हेतु कछला गंगा घाट से 151 किलो की कांवड़ यात्रा प्रारंभ कर सोमवार को बटेश्वर मंदिर पहुंचेगा। इस समूह के युवाओं ने रविवार रात्रि 8 बजे जनपद एटा में प्रवेश किया।

समूह के युवाओं ने जानकारी दी कि वे सोमवार को बटेश्वर मंदिर में जल चढ़ाएंगे। दो युवक मिलकर 151 किलो गंगाजल से भरे कलश लेकर यात्रा कर रहे हैं, जो शारीरिक रूप से अत्यंत कठिन साबित हो रहा है, किंतु धार्मिक आस्था के चलते वे निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

जहाँ एक ओर यह यात्रा आस्था और धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह प्रश्न भी उठाता है कि क्या युवाओं की ऊर्जा का यह दिशा उचित है? जिन युवकों की उम्र 16 से 20 वर्ष के बीच है, वे आज धार्मिक यात्रा में संलग्न हैं जबकि यह उम्र शिक्षा ग्रहण कर भविष्य निर्माण की होती है।

यदि यही परिश्रम, समर्पण और ऊर्जा शिक्षा के क्षेत्र में लगाया जाए, तो संभवतः इन युवाओं का भविष्य डॉक्टर, इंजीनियर, डीएम या एसएसपी के रूप में देश सेवा में योगदान दे सकता है। कबीरदास की पंक्तियाँ “कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करह सो तस फल चाखा” आज भी सार्थक प्रतीत होती हैं।

आज का युवा वर्ग धर्म की ओर आकर्षित हो रहा है जबकि शिक्षा जैसे अस्त्र से सुसज्जित होना समय की आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश केंद्र व प्रदेश सरकारें भी शिक्षा की अपेक्षा धार्मिक आयोजनों को अधिक प्रोत्साहन देती प्रतीत हो रही हैं, जिससे युवा शक्ति का भविष्य संकट में है।

यात्रा में कृष्णा, संदीप, अप्रवल, शनि, शाजिद खान सहित अन्य युवक शामिल रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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