
बरेली – सुभाषनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही की रहस्यमयी मौत ने न केवल पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है, बल्कि मामले से जुड़े पहलुओं ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। मृतक सिपाही की पहचान मुकेश कुमार त्यागी (38) के रूप में हुई है, जिसका शव रविवार को उसके किराए के कमरे में खून से लथपथ हालत में मिला। कमरे की स्थिति और मौके से जुटाए गए सबूतों से प्रथम दृष्टया मामला हिंसक झगड़े की ओर इशारा कर रहा है।
पत्नी और बेटी मौके से गायब, तलाश में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक, फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। मौके की गंभीरता को देखते हुए कमरे को सील कर दिया गया और वैज्ञानिक तरीके से फॉरेंसिक जांच शुरू की गई। हैरान कर देने वाली बात यह रही कि घटना के तुरंत बाद मृतक की पत्नी तरुणा और 8 वर्षीय बेटी परी भी घर से लापता हैं। उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिला है।
निलंबन और अनुशासनहीनता की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारियों की मानें तो मुकेश कुमार पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। वह 4 जून से बिना सूचना के ड्यूटी पर नहीं आया था और पहले से निलंबित चल रहा था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ अनुशासनहीनता और शराब के नशे में ड्यूटी करने की शिकायतें पहले भी मिल चुकी थीं।
शराब और घरेलू हिंसा की वजह से टूटा था पारिवारिक तानाबाना
एसएसपी अनुराग आर्य ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि मुकेश शराब का आदी था और पत्नी के साथ उसका अक्सर विवाद होता रहता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी तरह के किसी झगड़े के दौरान किचन में रखी टाइल्स या किसी अन्य कठोर वस्तु से मुकेश के सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटनास्थल से क्या मिला?
पुलिस को मौके से खून से सना गद्दा, फर्श पर खून के निशान, टूटा हुआ मोबाइल और कुछ घरेलू सामान अस्त-व्यस्त हालत में मिला। इन वस्तुओं को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। डॉग स्क्वॉड ने कमरे से बाहर निकलने वाले कुछ निशानों को सूंघा, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि घटना के तुरंत बाद महिला और बच्ची मौके से भाग निकली होंगी।
हत्या, आत्मरक्षा या हादसा – जांच के घेरे में सबकुछ
पुलिस फिलहाल इस मामले में हत्या, आत्मरक्षा में हुई मौत या घरेलू झगड़े में हुए हादसे की संभावनाओं पर एक साथ काम कर रही है। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो मामले की दिशा तय करेगी।
पड़ोसियों के बयान: “रोज झगड़े की आवाजें आती थीं”
मौके पर मौजूद पड़ोसियों ने बताया कि मुकेश और उसकी पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। बीते कुछ दिनों से झगड़े की आवाजें और ज्यादा तीखी हो गई थीं। “उस दिन भी दोपहर को जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज आई, लेकिन फिर अचानक सब शांत हो गया,” एक पड़ोसी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
पुलिस के लिए चुनौती बना मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे उच्च प्राथमिकता पर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक पत्नी और बेटी नहीं मिल जातीं, तब तक मामले की असलियत सामने लाना मुश्किल है। दोनों की तलाश में जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है और संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।
यह मामला न केवल एक पुलिसकर्मी की मौत का है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शराब और घरेलू हिंसा किस तरह एक परिवार को तबाही की ओर ले जा सकती है। पुलिस की तफ्तीश से आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह एक हादसा था, आत्मरक्षा में किया गया कोई कदम, या फिर किसी गहरे रहस्य से जुड़ा हुआ मर्डर।