
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर 14 मार्च को आग लगी करोड़ों की नकदी प्रशासन की नजर में आई लेकिन मीडिया ने कोई समाचार नहीं दिखाई ना कोई चर्चा हुई ना कोई डिबेट हुई किसी चैनल में अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई 21 मार्च को यानी एक हफ्ते बाद पूरा मामला प्रकाश में उस समय आया जब इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकीलों ने उनका विरोध किया कि उन्हें मुंह मांगी मुराद देकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय को कचरा पेटी बताते हुए इलाहाबाद न घुसने देने का ऐलान किया इतना बड़ा घोटाला और मीडिया खामोश यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है या जिम्मेदार पत्रकारों की कार्यशैली पर प्राचीन चिन्ह लगता है मोहम्मद इरफान एडवोकेट पूर्व सांसद प्रत्याशी लोकसभा क्षेत्र एटा