
ठेकदार बोला हमारी क्या औकात, पुलिस एवं विभागीय साठ-गांठ के चलता है खेल
एटा। एक तरफ शासन एवं प्रशासन पर्यावरण के प्रति अपनी सजगता की बात करता नजर आ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन एवं विभागीय अधिकारी कितने सजग है इसका जीता जागता उदाहरण मिरहची थाना क्षेत्र के गांव खंगारपुर में देखने को उस समय मिला जब नीम के हरे छायादार वृक्षों का खुलेआम कटान होते देख गया। वहीं मौके पर मिले ठेकदार ने बताया कि यह कार्य विभागीय साठ-गांठ के होते हैं मेरी मर्जी से नहीं। क्षेत्र के समाज
सेवियों डीएम प्रेमरंजन सिंह से इन लकडी माफियाओं एवं जिम्मेदार कर्मचारी एवं अधिकारियों के बिरूद्ध कार्रवाई कराए जाने की मांग की है।
मंगलवार को थाना मिरहची क्षेत्र के गांव में जब हमारे नेशनल टूडे के संवाददाता
पहुंचे तो उनको कई हरे नीम के बृक्ष कटे मिले और उनको साथ के साथ ही लोडर गाडियों में लोड कर भेजा जा रहा था। मौके पर मिले लकडी ठेकेदार ने नाम तो नहीं बताया लेकिन साफ शब्दों में कहा कि लकडी ठेकेदारों की औकात ही क्या है जो लकडी का कटान कर
सकें यह कार्य संबंधित थानों की पुलिस एवं विभागीय साठ-गांठ के ही होते है। क्षेत्र के समाज सेवियों ने डीएम प्रेमरंजन सिंह से इन लकडी ठेकेदारों पर अंकुश लगाने एवं सख्त कार्रवाई के लिए मांग की है। साथ ही प्रशासन को अवगत भी कराया है कि यदि कार्रवाई नहीं होती है तो वह सीधे सीएम दरवार में कार्रवाई की गुहार लगायेंगे। वहीं आदित्य सक्सैना रेंजर से बात की तो उन्होंने क्षेत्र को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताकर पल्ला झाड़ लिया एवं रैंजर के. के. जैन से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।