वाहेगुरु जी
अज्ज थां थां झूलते केसरी निसान न हुंदे
जे तेग बहादुर गुरु सोढ़ी सुल्तान न हुंदे

आज धन धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का महान शहादत दिवस है।
जो कि आज के दिन दिल्ली चांदनी चौक में हिन्दुस्तान और हिन्दू धर्म की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। जहां पर आज गुरुद्वारा शीश गंज साहिब जी बना हुआ है। जब औरंगजेब ने हिंदुओं के तिलक और जनेऊ को जबरदस्ती उतारने के लिए ओर उन्हें इस्लाम कुबूल करने के लिए उनको घोर तसीहे देकर उन पर कई जुलम और अत्याचार किए,
तब धन धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने जुलम धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश तक दे दिया।
गुरु तेग बहादुर जी सिक्खों के ऐसे महान गुरु है, जिन्होंने दूसरे के धर्म की रक्षा के लिए खुशी खुशी अपने प्राणों का बलिदान दिया। गुरु साहिब जी के इस महान बलिदान की वजह से ही हिंदू धर्म आज सुरक्षित हैं।
इसी कारण गुरु तेग बहादुर जी को प्रेम से कहा जाता है- धर्म की चादर, गुरु तेग बहादुर।
शीश झुकाकर नमन है ऐसे महान गुरु साहिब जी की महान लासानी शहादत को ????
आज ज्यादा से ज्यादा समय घर पर या कही संगत में बैठ कर श्री जपजी साहिब पाठ ओर शलोक महला नोवा साहिब जी के पाठ की हाजरी