
मैनपुरी,जिला अस्पताल में 15 वर्षों में कैंसर यूनिट चालू न होने व 07 वर्ष से हार्ट के डॉक्टर न होने पर गृह सचिव स्वास्थ्य व अधिकारियों पर अधिवक्ता ने केस दर्ज कराया।
जिला अस्पताल में हार्ट विशेषज्ञ न होने व कैंसर यूनिट चालू न होने पर गृह सचिव स्वास्थ्य व अधिकारियों के खिलाफ अधिवक्ता कटारिया ने जनहित याचिका दायर की गई।
एडवोकेट कटारिया ने कैंसर व हार्ट रोगियों का जिला अस्पताल में कोई विशेषज्ञ न होने पर गृह सचिव स्वास्थ्य के विरुद्ध जनिहित याचिका दायर की।
मैनपुरी :- महाराज तेज सिंह जिला अस्पताल में 15 साल बाद भी कैंसर यूनिट चालू न होने इसकी से लगभग 100 से 150 मरीजों की मौत प्रतिवर्ष हो जाती है जो की एक चिंता का विषय है तथा जिला अस्पताल मैनपुरी पर विगत 07 वर्षों से कोई हृदय रोग विशेषज्ञ न होने से जिला मैनपुरी की जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने एक जिला एवं सत्र न्यायालय में स्थाई लोक अदालत में जनहित याचिका दायर करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग लखनऊ, निर्देशक स्वस्थ विभाग लखनऊ ,संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विभाग आगरा ,एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी मैनपुरी के विरुद्ध केस दर्ज कराया । जनहित याचिका में एडवोकेट देवेन्द्र सिंह कटारिया कहा हैं कि
जिला मैनपुरी में 2005 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने जिले में कैंसर जैसी बीमारी के रोगियों के लिए एक कैंसर यूनिट की घोषणा की थी कैंसर यूनिट के लिए उचित बजट की धनराशि जारी की थी वर्ष 2008 में कैंसर यूनिट बनकर तैयार हो गई थी और वर्ष 2010 में कैंसर यूनिट के लिए की मशीनें भी स्थापित की गई थी इसके बावजूद भी आज दिन तक कैंसर यूनिट चालू नही हो पाई है जिले में कैंसर के रोगियों के प्राथमिक उपचार तक की कोई व्यवस्था नहीं है जिले में सर्वाधिक मुंह एवं गले के कैंसर के रोगी आते हैं इसका मुख्य कारण है तंबाकू का अधिक सेवन करना हैं , जिला अस्पताल के आंकड़ों के आधार पर यदि नजर डालें तो प्रति माह औसतन 40 से 50 कैंसर रोगी अन्य जिलों में ग्वालियर और आगरा के लिए इलाज के अभाव में रेफर किए जाते हैं क्योंकि जिले में कैंसर की जांच और उपचार के लिए कोई सुविधा नहीं है जब की 2023 में प्राथमिक उपचार व्यवस्था के प्रयास भी किए गए जिला अस्पताल से दो स्टाफ नर्स एवं एक डॉक्टर को लखनऊ ट्रेनिंग के लिए भेजा गया वहां उन्हें कैंसर के मरीजों की जांच एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया इसके बावजूद भी जिले में कैंसर का प्राथमिक उपचार शुरू नहीं कराया गया किस प्रकार से जिला मैनपुरी के कैंसर रोगियों को कोई प्राथमिक उपचार नहीं मिलने के कारण यह आम जन समस्या बन गई है।
इसी प्रकार जिला अस्पताल में लगभग 07 वर्षों से कोई हृदय रोग विशेषज्ञ भी नहीं है इस बढ़ती सर्दी के में हार्ड के मरीजों की संख्या भी तेजी से साथ बढ़ रही है ऐसे में हार्ट के मरीज के लिए कोई डॉक्टर नहीं है पिछले एक सप्ताह में मरने वालों अधिकतर हार्ट के मरीज ही ज्यादा है हृदय रोग से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल में पहुंचने पर निराश होकर उन्हें लौटना पड़ता है और इलाज की सुविधा न होने कारण मजबूरी में मेडिकल कॉलेज सैफई या फिर अन्य जिलों में रेफर किए जाते हैं मजबूरी में अधिक पैसे ख़र्च कर प्राइवेट डॉक्टर को दिखाने को मजबूर होते है क्योंकि जिला अस्पताल में हार्ट के मरीजों का कोई भी इलाज उनके पास नहीं है और ना ही कोई हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध है जिला अस्पताल में हार्ट के मरीजों का ब्लड प्रेशर जांच करके उन्हें रेफर कर देते हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी कहते हैं कि उच्च अधिकारियों को हृदय रोग विशेषज्ञ को कैंसर यूनिट चालू करने के लिए पत्र लिख दिया गया है उसके बावजूद भी उच्च अधिकारी सरकार स्तर से किसी की कोई तैनाती नहीं कर रहे हैं वर्ष 21 और वर्ष 22 में दो डॉक्टरों हार्ट के डॉक्टर की मैनपुरी में तैनाती की गई थी लेकिन उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात ना होने के कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता है ऐसा नहीं है कि जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की मांग नहीं की गई ।जनता द्वारा कैंसर यूनिट के एवं हृदय रोग विशेषज्ञ की हमेशा से मांग की तथा अमर उजाला समाचार पत्र ने कैंसर यूनिट के लिए दिनांक 01 जनवरी 2024 व हृदय रोग विशेषज्ञ के लिए अपने समाचार पत्र में दिनांक 29 नबम्बर 2023 व 25 दिसम्बर 2023 को प्रकाशित भी किया गया इसके बावजूद भी उच्च अधिकारी लखनऊ से जिला मैनपुरी पर कैंसर यूनिट एवं हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं कर रहे हैं इस कारण से जिला एवं सत्र न्यायालय की अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया द्वारा गृह सचिव स्वास्थ्य विभाग लखनऊ , निर्देशक स्वाथ्य विभाग लखनऊ ,संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विभाग आगरा, एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी मैनपुरी के विरुद्ध एक जनहित याचिका न्यायालय का दायर की जिसमें उन्होंने उपरोक्त तीनों अधिकारियों को न्यायालय में तलब कर महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल मैनपुरी में कैंसर यूनिट में प्राथमिक उपचार, कैंसर रोग विशेषज्ञ तथा हृदय रोग विशेषज्ञ की डॉक्टर की अभिलंब किये जाने की माननीय न्यायाधीश श्यामकुमार व सदयस्य एकता मिश्रा ,जितेन्द्र कुमार से मांग की जिससे जनपद की मैनपुरियों के उपरोक्त रोगियों के इलाज के लिए अन्य जनपदों में न जाना पड़े जिस पर स्थाई लोग अदालत के अध्यक्ष श्याम सिंह एवं सदस्य एकता मिश्रा एवं जितेंद्र कुमार ने अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया की जनहित याचिका को दर्ज करते हुए गृह सचिव स्वास्थ्य विभाग , महानिर्देशक स्वास्थ्य लखनऊ , अपर संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विभाग आगरा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी करते हुए दिनांक 19 जनवरी नियत की है
अधिवक्ता की जनहित याचिका पर क्या बोले अन्य अधिवक्ता
राधाकृष्ण शाक्य ने कहा कि मैनपुरी में जिला अस्पताल में कोई सुविधा नही है यह याचिका सही डाली हैं।
एडवोकेट ओमप्रकाश कठेरिया ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की काफी कमी है सरकार इस ओर कोई ध्यान नही दे रही हैं जब कि जिले की जनता ईलाज के लिए अन्य जिलों में मजबूरी में जाना पड़ता हैं
वरिष्ट अधिवक्ता इन्द्रगोपाल वर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओ के लिए भी आयुष्मान कार्य बनाये जाये ।
अन्य अधिवक्ता ने कहा कि सदर मैनपुरी के विधायक हैं और वह सरकार में कैबिनेट मंत्री भी है इसके बाद भी जिले के अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है जो नही होनी चाहिए।