
मऊगंज ज़िले के ग्राम टीपा बदौर की गिरुई घाटी में अमानवीय कुकृत्य एवं मन मस्तिष्क को झकझोर कर रख देने वाली घटना घटित हुई। गांव टीपा बदौर से गुजरने वाली बहेराडाबर से सीतापुर रोड के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र गिरुई घाटी में सड़क किनारे पर बीती रात अज्ञात लोगों द्वारा अज्ञात वाहन से लगभग 9 बैल और 5 गायों को मारकर एवं मवेशियों के शरीर एवं पैरों को रस्सियों से बांधकर रोड पर ही फेंक दिया गया था। जिसमें 2 मवेशी घायल अवस्था में वहीं पर अर्धमृत अवस्था में तड़प रहे थे।गौरतलब है कि आज सुबह लगभग साढ़े दस बजे जब मैं अपने घर से सीतापुर कुछ निजी कार्य वश जा रहा था तो रोड पर पड़े हुए उन मवेशियों की लाशों को देखकर हतप्रभ हो गया, और किंकर्तव्यविमूढ़ बना वहीं खड़ा रहा।
फिर मैंने फ़ौरन दोनों जीवित मवेशियों को रस्सियों से खोल कर आजाद किया, एवं डीएम साहब मऊगंज श्री अजय श्रीवास्तव जी को फोन करके इस घटना से अवगत कराया एवं उनसे इस मामले में फौरी तौर पर संज्ञान लेकर कार्यवाही करवाने का निर्देश किया।
उपरोक्त घटनाक्रम के उपरांत कलेक्टर साहब के निर्देशानुसार कुछ ही देर में आदरणीय तहसीलदार सर श्री सौरभ मरावी जी घटनास्थल पर पहुंचे एवं उनके आदेश पर पूरा पुलिस महकमा जिसमें आदरणीय टीआई साहब श्री द्विवेदी जी, एसआई, एएसआई, आरआई, पटवारी सहित राजस्व विभाग के भी तमाम कर्मचारी फौरी तौर पर पहुंचे। साथ ही वन परिक्षेत्र होने की वजह से फारेस्ट गार्ड भी तैनात रहे। साथ ही हमारे जीआरएएस ग्राम पंचायत गढ़वा भी मौजूद रहे।
तहसीलदार सर के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय वेटर्नरी डाक्टर से मवेशियों का पीएम करवा कर उन्हें वहीं जंगल में ही गड़ढे खोदवाकर दफना दिया गया।
एवं तहसीलदार सर ने वनकर्मियों सहित राजस्व विभाग के कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि आप सभी इस मामले को सख्त संज्ञान में लेकर अपने अपने कार्य क्षेत्र में ढंग से ध्यान दें एवं आगे से हमें इस तरह की किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं को होने से रोकना है, और मवेशियों को उचित व्यवस्था करवाने हेतु कर्मचारियों को आदेश एवं हमें उचित आश्वासन दिया गया।