
भारतीय मीडिया को एक नया फीमेल तारेक फतेह मिल गया है , और वह हैं मोहतरमा आरज़ू काज़मी।
45 साल की आरज़ू काज़मी पेशे से पत्रकार हैं और इस्लामाबाद में रहतीं हैं और बौद्ध धर्म से प्रेरित हैं। अपनी हरकतों की वजह से वह कब तक पाकिस्तान में रह पाएंगी पता नहीं।
आजकल हर भारतीय मीडिया की पैनल डिस्कशन में वह फीमेल तारेक फतेह बनीं बैठी होतीं हैं और अपने देश के खिलाफ बोलती नजर आती हैं।
कराची में दाऊद इब्राहिम को ज़हर देने और उनके समधी जावेद मियांदाद के पूरे परिवार को नज़रबंद करने का झूठ सोशल मीडिया पर इन्होंने ही फैलाया और अपने “भेजा फ्राई” यूट्यूब चैनल से लाखों कमाए।
आरज़ू काज़मी का झूठ मीडिया ने लपका और दिन भर उसपर खबरें चलाई और बिग ब्रेकिंग न्यूज चलाया।
मूलरूप से कड़े इलाहाबाद की ही रहने वाली हैं, उन्हें अपने दादा से इस बात की शिकायत है कि वह इलाहाबाद छोड़ कर पाकिस्तान जैसे नरक में क्यों आए जहां खाने के लिए अनाज तक नहीं।
मोहतरमा वापस स्वर्ग जैसे इलाहाबाद आना चाहें तो उनका स्वागत है , मैं कुछ एडजस्ट कर लूंगा।
थोड़ा जल्दी करें UCC लगने वाला है। Md zahid