वैघ पल्लव प्रजापति द्वारा चलाया जा रहा है तीन दिवसीय कपिंग थेरेपी प्रशिक्षण
चंदौली ब्यूरो:आयुर्वेदा फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के तत्वाधान में आयोजित कपिंग थेरेपी प्रशिक्षण चैतन्य आयुर्वेद क्लीनिक (नगर का पहला न्यूरोपंचकर्म सेंटर है) जीटी रोड , मुगलसराय चंदौली उत्तर प्रदेश में वैद्य पल्लव प्रजापति द्वारा चलाया जा रहा है। जो की तीन दिनो का बताया गया है।
कपिंग थेरेपी जोड़ों के दर्द मांशपेशीयो के दर्द, त्वचा रोग, कमर दर्द, सर्वाइकल दर्द इत्यादि में अत्यंत लाभदायक है।


वैद्य पल्लव प्रजापति द्वारा संचालित यह प्रशिक्षण रजिस्टर्ड आयुर्वेदिक डॉक्टर्स के लिए है, ट्रेनिंग के बाद ट्रेनी को प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है ।
कपिंग थेरेपी को आयुर्वेद में अलाबु/हिजामा नाम से जाना जाता है।
कपिंग थेरेपी ” हिजमा/अलाबु” का ही आधुनिक अवतरण है। कपिंग थेरेपी एक प्रकार का न्यूरोपंचकर्म है जिससे दर्द का निवारण जल्दी होता है।
आयुर्वेदा फैडरेशन ऑफ इंडिया आयुर्वेद विज्ञान फोरम की एक इकाई है जो की सेक्शन 8 के तहत मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स से रजिस्टर्ड देश का एक मात्र संगठन है, जो लगातार देश के रजिस्टर्ड आयुर्वेद डॉक्टर्स एवम छात्रो के लिए जमीनी स्तर पे कार्य रहा है।
वैघ पल्लव प्रजापति आयुर्वेदा फैडरेशन ऑफ इंडिया के स्टूडेंट कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष है साथ ही संस्थापक सदस्य भी है जो की अपने चैतन्य आयुर्वेद क्लिनिक मुगलसराय से आयुर्वेदिक डॉक्टर्स को प्रशिक्षण भी देते है