
एटा, । वातावरण में धुंध छाए रहने से जिले में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया है। जनपद में शनिवार को एक्यूआई 200 पहुंच गया। इस कारण घर से बाहर निकले लोगों की आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत की शिकायत होने लगी। लोगों ने चिकित्सकों से सलाह लेकर बचाव किया है।
सड़कों पर कूड़ा जलाने, अत्यधिक वाहनों के आवागमन से वातावरण में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। शनिवार को दोपहर बाद से ही आसमान में धुंध छा गई। धूप न निकलने से लोगों को शाम होते-होते धुंध गहराती दिखने लगी। धुंध की वजह से बुजुर्ग, बच्चों को सांस लेने में दिक्कत, खांसी और घर से वाहन वाहनों पर निकले लोगों की आंखों में जलन होने लगी। आंखों पर जलन होने पर लोगों का ध्यान प्रदूषण की ओर गया। आसमान में बढ़ती धुंध को लोग मौसम परिवर्तन का असर मान रहे थे। धुंध से दिक्कत होने पर तत्काल निजी चिकित्सक के यहां पहुंचकर परामर्श किया। उसके बाद उनको सांस, खांसी और आंखों में जलन होने से राहत मिल सकी। शनिवार को दोपहर बाद से वातावरण में धुंध बढ़ती गई।
शाम होते-होते धुंध ने कोहरे जैसा रूप ले लिया। धुंध की वजह से वातवरण में प्रदूषण का स्तर जिले में एक्यूआई ।(।एयर क्वालिटी इंडेक्स 200) पहुंच गया।