पसमांदा समाज की राजनीतिक जनमत तैयार करने के उद्देश्य से निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगा

- उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में कर्पूरी ठाकुर फार्मूला के अनुसार अन्य पिछड़े वर्ग कोटा में अति पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था लागू किया जाए और पसमांदा (पिछड़े) अधिसूचित मुस्लिम जातियों को प्राथमिकता के आधार पर रखा जाए और खाली जगह में बैकलॉग के द्वारा भर्ती किया जाए।
- औद्योगिक करण के चलते पसमांदा मुस्लिम समाज जिसके अंतर्गत पीतल दस्तकार/ कारीगर/ मजदूर तबके लोग भी आते हैं इनकी बेरोजगारी में इजाफा हुआ है। और भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं, नव उदारवादी और अंधाधुंध मशीनीकरण की नीतियों के कारण इन तबकों में बेरोजगारी बड़ी है इस संबंध में लघु उद्योग का विकास ग्रामीण /कस्बा/ नगर /महानगर स्तर पर विकसित किया जाए ताकि दस्तकारों को रोजगार मिल सके।
- अल्पसंख्यकों के विकास हेतु आवंटित बजट का 80% पसमांदा समाज के शैक्षिक सामाजिक एवं आर्थिक विकास पर खर्च किया जाए।
- पसमांदा मुसलमान के संरक्षण के लिए एस0सी0 एस0टी0 कानून की भांति कानून बनाना आवश्यक हो गया है। सरकार इस बिंदु पर विचार करें।
- पसमांदा मुसलमान के कारोबार पर उचित नीतिया बनाई जानी चाहिए। उनके उत्पाद ब्रांडिंग नहीं होने के कारण एवं बाजारीकरण की दौड़ में पिछड़ गए हैं। सरकार को विशेष व्यावसायिक, तकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण देकर इन कामगार तबके को स्किल्ड बनाना होगा। सरकारी उपेक्षा के कारण मुस्लिम वक्फ संपत्तियों पर माफिया का कब्जा होता जा रहा है। खरबों की वक्फ संपत्तियां बेकार पड़ी है। मुसलमानों को वक्फ संपत्तियों को जो खरबों रुपए की कीमत की है पसमांदा मुसलमानों को बेहतरी के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
- संसाधन सीमित है इसलिए पसमांदा समाज मुसलमानों को बैंकों से आसानी से धन उपलब्ध कराया जाए कारोबार के लिए। पसमांदा मुस्लिम समाज आज भी मुफ्त राशन, आवास, और शौचालय बिना भेदभाव के मिलने के कारण बड़ी तादाद में सरकार का शुक्रगुजार है इसलिए उनके उत्थान है तो विशेष कार्य योजना बनाकर लाभान्वित किया जाना चाहिए।
- पसमांदा समाज के व्यापारियों को जी0एस0टी के मामले में विशेष छूट दी जाए।
- मुरादाबाद पूरे विश्व में पीतल नगरी के नाम से भी अपनी अलग पहचान रखता है यहां के निर्यातकों को सरकार द्वारा 7% फॉक्स मिलता था जिसे घटकर मात्र एक प्रतिशत कर दिया गया है हमारे भारत सरकार से मांग है की फोकस 7% किया जाए जिससे निर्यातकों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके और वह छंटनी किए गए कर्मचारियों को पूर्ण रख सके। फार्मो में दोबारा काम मिलने पर पसमांदा समाज के कारीगरों के जीवन यापन में आसानी होगी
- आने वाले लोकसभा चुनाव में जो पार्टियों पसमांदा समाज के पिछड़े पुरुष एवं महिलाओं को राजनीतिक हिस्सेदारी देंगे, उनका चुनाव में पूर्ण सहयोग किया जाएगा। हाजी सलाहउद्दीन मंसूरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया पसमांदा समाज