
कौशाम्बी जय जवान जय किसान मंच के तत्वाधान में एक साधारण और शांति पैदल मार्च चायल तहसील से शुरू होकर पिरई तिल्हापुर मोड पर समाप्त हुआ जय जवान जय किसान मंच के सैकड़ो नौजवानों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा जय जवान जय किसान का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया बैठक में संगठन के संयोजक तथा चायल विधानसभा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुशील जयहिन्द ने अपने विचार रखें उन्होंने कहा की अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन करने वाले अहिंसा के पद पर चलने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आंदोलन सिर्फ इसलिए किया था की आम जनता को स्वास्थ्य शिक्षा न्याय मिले और हम अपनी सरकार का चयन करें हम सफल हुए सरकार का चयन करने में हम सफल हुए अंग्रेजी हुकूमत से मुक्ति पाने में लेकिन हम पूरी तरह से असफल हो गए आम जनमानस को स्वास्थ्य शिक्षा न्याय दिलाने में आज हर व्यक्ति बड़े-बड़े सरकारी अस्पतालों की तरफ ना जाकर प्राइवेट नर्सिंग होम की तरफ भाग रहा है क्योंकि सरकारी हॉस्पिटल से उसका विश्वास उठ गया है हर व्यक्ति सरकार के द्वारा दी जा रही सरकारी शिक्षा की तरफ ना जाकर प्राइवेट शिक्षा में जाकर बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए ठोकरे खा रहा है
उन्होंने कहा कि हम आजाद हुए हैं हमने सरकार का चयन किया है मगर आज भी मेरे देश की जनता अपने मौलिक अधिकारों से वंचित है शासन और प्रशासन जनता की समस्याएं जनता की परेशानियों पर ध्यान नहीं देते हैं गांधी जयंती के मौके पर हम लोगों को शपथ लेनी होगी कि हम सब लोग अपने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के नीचे संगठित होकर इस बात का संकल्प लें कि हम लोग आपस में जातिवाद क्षेत्रवाद धर्मपंथ के खिलाफ राष्ट्रवाद को अपनाकर इंसानियत के रास्ते पर चलेंगे सभा में अमित पांडे शरद चंद्र राय ने भी अपने विचार रखें कार्यक्रम का संचालन विपिन सिंह पटेल ने किया पैदल मार्च का संचालन भारत पटेल मनीष पटेल महेंद्र पाल अभिषेक सिंह ने किया बैठक में सुरेंद्र सरोज गजराज सिंह यादव धनश्याम शिवलाल दीनानाथ पाल देवराजपाल आशीष त्रिपाठी कासिम कुरैशी हरकेश शर्मा दिनेश केसरवानी दिलीप अग्रहरि ज्ञान सिंह पटेल कुलदीप पटेल मनीष पटेल दयाराम पटेल अजय बाबा संजीव अंशु पटेल कुलदीप पटेल रिशु राठौर रवि पटेल नीरज कुशवाहा राकेश कुशवाहा संजय कुशवाहा आदि लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनकी जयंती मनाई जन गण मन की शुरुआत से कार्यक्रम की शुरुआत की और समापन वंदे मातरम के साथ किया