*वारंट से बचने को महिला ने आधार में बदला नाम, रह रही थी कासगंज में, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । बीएसए बदायूं पर धोखाधड़ी और ससुरालीजनों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर चर्चा में आई महिला वारंट से बचने के लिए आधार कार्ड में नाम बदकर तीन मंजिला घर में रही थी। सीओ की जांच के बाद मामला सामने आया, जिसके बाद मामले में महिला के विरूद्ध थाना मारहरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जिला कासगंज थाना सहावर के गांव लच्छिपुर निवासी पति ने थाना मारहरा में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि थाना मारहरा निवासी एक महिला ने सीजेएम बदायूं से एनबीडब्ल्यू वारंट से बचने के लिए आधार कार्ड में अपना नाम बदलवा दिया है। दूसरा नाम आधार कार्ड में नीलम दर्ज कराया है। वर्तमान में महिला कासगंज में तीन मंजिला घर में रह रही है। मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गई थी। मामले में जांच कराई गई। जांच में मामला सही पाया गया, जिसके बाद सीओ ने एसओ मारहरा को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। आरोप है कि महिला ने बीएसए बदायूं पर झूठा धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था इसके साथ ही ससुरालीजनों पर भी उत्पीड़न का झूठा मामला दर्ज कराया था। इस महिला ने पुराने नाम से सरकारी धन भी पाया है। आधार कार्ड पर नंबर एक ही है और दोनों आधार कार्ड में नाम अलग हैं। साथ ही पेनकार्ड भी दोनों एक ही है। मारहरा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसओ मारहरा सतपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित और आरोपी महिला आपस में पति-पत्नी हैं। महिला ने नौकरी के नाम पर पति से रूपये लिए थे। महिला भी शिक्षिका थी। वर्तमान में बर्खाश्त चल रही है। बंदायू कोर्ट से वारंट जारी हुए है। महिला ने आधार में अपना नाम बदलवा दिया है। मामले की जांच की जा रही है।