*तीन महीनों में सील क्लीनिक वालों ने ऐसा कौन सी डिग्री ले ली जो खोल दिए गए, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा। स्वास्थ्य विभाग ने मार्च, अप्रैल, मई में अभियान चलाकर लगभग 50 से अधिक अपंजीकृत अस्पताल, क्लीनिकों, पैथोलॉजी को सील करने की कार्रवाई की थी। तीन महीनों में सील क्लीनिक वालों ने ऐसा कौन सी डिग्री ले ली जो खोल दिए गए। विभाग के उच्चाधिकारियों का दावा है कि सभी नहीं खोले गए हैं।
बीते तीन माह में नोडल अधिकारी डा. सर्वेश कुमार के नेतृत्व में आठ ब्लॉकों में अपंजीकृत अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी संचालकों के विरुद्ध अभियान चलाया गया। तीन माह चले अभियान में अलीगंज, जैथरा, निधौलीकलां, सकीट, मिरहची, मारहरा, जलेसर, अवागढ़ और शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगभग 50 अस्पताल, क्लीनिक सील किए गए थे। इसके अलावा तीन से चार दर्जन अपंजीकृतों को नोटिस भी दिए थे। इसमें से सात-आठ पर मरीजों की मौत होने के बाद एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। सील किए गए अस्पतालों में से अधिकांश अपंजीकृत अस्पताल, क्लीनिकों को टीम में शामिल कर्मचारियों ने नोटिस का जबाव आए बिना ही खोल दिया गया है। सील अस्पतालों को खोले जाने की नोडल अधिकारी डा. सर्वेश कुमार को बाद में जानकारी मिल पा रही है।
इनको दिए गए नोटिस का जबाव आया या नहीं इसकी जानकारी भी नोडल अधिकारी के पास नहीं रहती है। वर्तमान में वह ही सील अस्पताल शेष रह गए हैं। जिन पर थानों में एफआईआर दर्ज है। इसमें अलीगंज में एक, जैथरा में तीन, अवागढ़ में एक, एटा में दो अपंजीकृत अस्पताल शामिल हैं।