कासगंज रोड, हाईवे और बाईपास बनाने के लिए काटे गए पेड़ों के बदले अभी तक नये पौधे नहीं लग पाए हैं

कासगंज रोड, हाईवे और बाईपास बनाने के लिए काटे गए पेड़ों के बदले अभी तक नये पौधे नहीं लग पाए हैं

*काटे दस हजार पेड़ लगाया एक भी नहीं,जबकि नये पौधों के रोपण के लिए सभी विभागों ने करीब दस करोड़ रुपया भी वन विभाग को दे दिया, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । कासगंज रोड, हाईवे और बाईपास बनाने के लिए काटे गए पेड़ों के बदले अभी तक नये पौधे नहीं लग पाए हैं। इन स्थानों से करीब दस हजार पेड़ काटे गए थे। हालांकि संबंधित विभागों ने पौधे लगाने के लिए पैसा भी मुहैया करा दिया लेकिन भूमि उपलब्ध न होने के कारण पौधरोपण नहीं हो पाया। जमीन उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार से अनुमति मांगी गई है। छह वर्ष का समय बीतने के बाद भी पौधा रोपण के लिए अनुमति नहीं मिल सकी है।
जनपद की हरियाली का क्षेत्रफल बहुत ही कम है। लगातार हो रहे पौधारोपण के बाद भी तीन फीसदी भी हरियाली नहीं हो पाई है। जीटी रोड के चौडीकरण के लिए सड़क किनारे लगे पेडों को काटा गया था। इसमें चार हजार से अधिक पेड़ों का नुकसान हुआ था। ऐसे ही कासगंज के चौडीकरण के समय 4400 से अधिक पेड़ काट दिए गए। एटा बाईपास के लिए भी 400 से अधिक पेड़ काटे गए। रेवले लाइन के विस्तार में भी स्टेशन के आसपास के 250 से अधिक पेड़ काटने की अनुमित मांगी गई थी। वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद इन सभी पेड़ों को काट दिया गया। नये पौधों के रोपण के लिए सभी विभागों ने करीब दस करोड़ रुपया भी वन विभाग को दे दिया। सड़कों के चौडी होने के बाद सड़क किनारे पेड़ लगाने के लिए जगह न बच पाने के कारण पौध रोपण नहीं हो पाया।

कासगंज रोड पर नहीं लगाए गए नए पेंड एटा। एटा-कासगंज सिंगल रोड को फोरलेन बनाया गया था। जिले की सीमा में 19 किमी एटा से मिरहची तक मार्ग किनारे लगे सैकड़ो 4400 पेड़ को का गया था। इस मार्ग का निर्माण पूर्ण होने के जीटी रोड को ऊंचा बनने के कारण पौधे नहीं लगाए जा सकते, लेकिन कासगंज रोड पर तो पेड़ लगाने के लिए बीच में जगह भी छोड़ी गई है। इसके बाद भी पौधे नहीं लग सके।

पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए करें चिंतन-हरनाथ एटा। विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्य सभा सांसद हरनाथ सिंह यादव एवं उनके पुत्र वाचस्पति यादव ने पौधा रोपण कर लोगों को संदेश दिया कि सनातन धर्म में पौधा लगाना और उसको पुत्र की भांति पालना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि हमें पर्यावरण एवं जल संरक्षण के प्रति अभी से जागरुक होना पडे़गा।

अगर अभी से पर्यावरण के प्रति नहीं चेता जाएगा, तो हमारी आगे आनी वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा एवं पेयजल के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण और मनुष्य सदैव एक दूसरे के पूरक है।उन्होंने बताया कि आज पर्यावरण दिवस पर अधिकांश लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति ज्ञान बांटगे। लेकिन स्वयं वृक्षारोपण करने वाली जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेंगे। जो लोग पौधों को लगाएगे उनमें से 90 फीसदी लोग केवल सेल्फी लेने के लिए पौधा लगाएंगे। पौधा रोपने के बाद बाद में उसका क्या होगा उसे भूल जाएंगे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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