एटा-आगरा फास्ट पैसेंजर हाउसफुल, राजस्व आधा भी नहीं, रिपोर्ट योगेश मुदगल

*एटा-आगरा फास्ट पैसेंजर हाउसफुल, राजस्व आधा भी नहीं, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा से सुबह आगरा जाने वाले 80 फीसदी लोग रोडवेज बसों में किराया महंगा होने के कारण ट्रेन का सफर कर रहे हैं। एटा-आगरा ट्रेन में यात्रियों की संख्या कई फीसदी बढ़ी है। फिर भी रेलवे के राजस्व में कोई अधिक इजाफा नहीं हुआ है।

रोडवेज बसों में किराया वृद्धि होने से एटा-आगरा फास्ट पैसेंजर ट्रेन में सवारियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके चलते सात स्लीपर कोच वाली एटा-आगरा फास्ट पैसेंजर ट्रेन प्रतिदिन भरकर चल रही है। बावजूद इसके टिकट बिक्री की स्थिति में कोई अधिक सुधार नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण है कि ट्रेन में एटा से जलेसर, बरहन, एत्मादपुर एवं यमुना ब्रिज तक जाने वाले अधिकांश सवारियां बगैर टिकट यात्रा कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि न तो ट्रेन में टिकट चेकिंग हो रही और और ना ही रेलवे स्टेशनों पर टिकट चेकिंग की जा रही है। इस कारण मुफतखोर निर्भीक होकर ट्रेन में यात्रा कर रहे है। इसके चलते रेलवे को राजस्व हानि हो रही है। हानि होने के चलते रेल मंडल एटा-बरहन रूट पर अन्य ट्रेनों का संचालन कराने में कतरा रहा है।

इन स्टेशनों पर उतरने वाले नहीं लेते टिकट एटा। एटा से आगरा जाने वाली ट्रेन में जलेसर, बरहन, मितावली, एत्मादपुर एवं यमुना ब्रिज रेलवे स्टेशन पर उतरने वाली आधी सवारियां बगैर टिकट यात्रा करती है। आगरा के इंडस्ट्रियल एरिया नुनिहाई में कार्य करने वाले ज्यादातर मजदूर प्रतिदिन जलेसर, बरहन स्टेशन से ट्रेन में सवार होकर यमुना ब्रिज रेलवे स्टेशन पर या बीच में लाल सिग्नल होते ही उतर कर चले जाते हैं।

वीर नगर और गुलाबपुर क्रॉसिंग से चढ़ती है फ्री यात्रा वाली सवारियां एटा। एटा से आगरा जाने वाली ट्रेन वीर नगर और गुलाबपुर रेलवे क्रॉसिंग पर एक मिनट के लिए रुकती है। क्रॉसिंग पर ट्रेन रुकते ही दर्जनों सवारियां ट्रेन में बगैर टिकट चढ़ती है और बरहन, मितावली, एत्मादपुर और यमुना ब्रिज स्टेशन या उससे पहले ही उतर कर चली जाती है।

रेल यात्रियों से होती है भरी, टिकट बिकते है मात्र 12 हजार के

एटा। सात स्लीपर कोच वाली एटा-आगरा फास्ट पैसेंजर ट्रेन में प्रति कोच 75 सीट के हिसाब से सभी कोचों में यात्रियों के लिए कुल 525 सीटें उपलब्ध रहती है। एटा से सीट से दो गुना सीट भरकर चलने वाली इस ट्रेन में प्रतिदिन 800 वारियां सफर करती हैं। जबकि आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन 12 से 15 हजार रुपये की ही टिकट बिक रही हैं। यानी ट्रेन में सफर करने वाले सैकड़ों लोग ही टिकट लेकर यात्रा कर रहे हैं।

रेलवे स्टेशनों पर रेलवे अधिकारियों और टीटी के माध्यम से चेकिंग अभियान चलता रहता है। बगैर टिकट यात्रा करने वाले यात्री भी पकड़े जाते हैं। उन पर जुर्माना भी लगाया जाता है। अगर एटा से आगरा के बीच चलने वाली ट्रेन में सवारियां बगैर टिकट यात्रा कर रही है तो उसके लिए चेकिंग कार्य शुरू कराया जाएगा। इसकी सूचना संबंधित रेल अधिकारियों को दी जाएगी।
अमित कुमार सिंह, पीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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