
*जालसाज राघवेंद्र शुक्ल को जिला जज ने 6 मई को किया तलब*
*कोर्ट कार्यवाही से बचने के लिये पुलिस को कर रहा है गुमराह* बिगब्रेकिंग
अयोध्या का बहुचर्चित जालसाज बहुरूपिया राघवेंद्र शुक्ला को जनपद न्यायाधीश ने प्रेस क्लब अयोध्या के अध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी की दाण्डिक निगरानी याचिका को स्वीकार कर राघवेंद्र शुक्ल को तलब कर नोटिस विगत 15 मार्च को ही जारी किया है जिसमे वह हाजिर नही हो रहा है उस पर आरोप है कि वह सीजेएम कोर्ट में फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र त्रिपाठी के विरुद्ध बीते वर्ष 13 मई 2022 को झूठी मन गढ़ंत घटना दिखाकर एफआईआर दर्ज कराना चाह रहा था जिसकी भनक महेंद्र त्रिपाठी को लगी तो उन्होंने अपने अधिवक्ता सन्तोष वर्मा के माध्यम से उक्त फर्जी मुकदमे को चैलेंज किया तो अपने को फंसता देख राघवेंद्र शुक्ल सुनवाई के दौरान भाग गया तो न्यायालय ने उसकी 156/3 की याचिका खारिज कर दी। न्यायालय में दाखिल किए गए आधारकार्ड में राघवेंद्र शुक्ला ने अपना निवास पता नयाघाट चौकी 20 बंधा तिराहा अयोध्या दे रखा था जब उसके आधारकार्ड के जाँच के लिये एस एस पी मुनिराज जी से शिकायत की गई तो 9 जनवरी 2023 को सीओ अयोध्या ने महेंद्र त्रिपाठी व राघवेन्द्र शुक्ल व उसके मकान मालिक राम जी सोनी का भी बयान लिया है जिसमें राघवेंद्र शुक्ला ने अपनी गलती मानते हुवे आधार कार्ड में अंकित निवास पते का संसोधन करने की बात कही है और अपने बयान में कहा है कि पहले वह किराए पर उक्त पते पर राम जी सोनी के यहाँ वर्ष 2018 में रह रहा था। अब वह जानकी घाट साकेत भवन में किराए पर रह रहा है और अब जब जिला जज ने इसी मामले में तलब कर लिया है तो वह अब पुलिस को चकमा देकर गुमराह करने की कोशिश कर विगत 24 अप्रेल को कार्यवाहक एस एस पी / एस पी सिटी को झूठी शिकायत की है। अब नया आरोप लगाया है कि उसका आधारकार्ड वर्ष 2018 में ट्रांसपोर्ट नगर में उसके कार्यालय से आधारकार्ड कुछ प्रपत्र व पुराना वेस्पा स्कूटर चोरी हुआ था जिसकी सूचना कैंट थाने को दी थी जिसे अयोध्या रायगंज के निवासी महेंद्र त्रिपाठी व अंसुमान तिवारी तथा महिला मित्र ज्योति जयसवाल किसी एक ने चोरी कर लिया है। सामान बरामद किया जाए जिसकी जांच सहादतगंज चौकी प्रभारी को मिली उन्होंने तीनो पत्रकारो का बयान लिया है। *अब देखना यह है कि फर्जी कहानी गढ़ने का मास्टर माइंड राघवेंद्र शुक्ला माननीय जिलाजज के न्यायालय में अपने गुनाहों का क्या जवाब देता है या फिर कोर्ट की नजरों से कब तक बच पाता है?*