
*बुद्ध प्रतिमा के सिर के साथ महिला पकड़ी*
एटा, । भगवान बुद्ध की मूर्ति का सिर काटकर ले जाने के मामले में जलेसर पुलिस ने एक महिला को पकड़ा है। उसके घर से सिर कई कटे हुए हिस्से में बरामद हुआ है। मंदिर संचालक ने मूर्ति को पहचान लिया है।
जलेसर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बाद महिला को जेल भेजा है। महिला के पड़ोस में ही मंदिर है, जहां से मूर्ति का सिर चोरी किया गया था। एएसपी धनंजय कुशवाह ने बताया कि 25 मार्च की रात को कोतवाली जलेसर के मोहल्ला अकबरपुर हवेली स्थित भगवान बौद्ध ज्ञानरत्न बुद्ध विहार मंदिर में चोर घुस आए थे। मशीन से भगवान बुद्ध की मूर्ति का सिर काट ले गए थे। 26 मार्च की सुबह जानकारी हुई थी। इसके बाद जलेसर पुलिस के अलावा एसएसपी व एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मामले की रिपोर्ट रमेश चंद्र ने दर्ज कराई थी। 1977 में भगवान बुद्ध की अष्टधातु की मूर्ति थाईलैंड से लाकर स्थापित की गई थी। इसकी कीमत दो करोड़ की थी। जलेसर पुलिस, स्पेशल सैल की टीमें काफी दिनों से खुलासे में लगी हुई थीं।
पुलिस कार्यालय के अनुसार जलेसर एसएचओ जगदीश चंद्र, एसएसआई रामकेश राजपूत व टीम ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला अकबरपुर हवेली निवासी मुकेश कुमार की पत्नी सुमन को पकड़ा। सुमन के पास से भगवान बौद्ध का कटा हुआ चेहरा और सिर के कटे हुए 12 टुकड़े बरामद हुए हैं। सुमन का घर मंदिर से लगा हुआ है और पूरा मंदिर इसके जंगला से दिखता है। बताया जा रहा है कि मूर्ति के साथ किसी ने महिला को देख लिया था। उसने जाकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिर बरामद किया है। महिला ने सिर को दूसरी मंजिल पर लकड़ियों के नीचे छिपाकर रखा था। घटना में और भी साथी शामिल हो सकते हैं। चर्चा है कि महिला के पास मूर्ति का सिर कहां से आया है पुलिस पूछताछ में पता नहीं कर पाई है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिला। ● हिन्दुस्तान
*अकेली महिला नहीं कर सकती चोरी, और हैं शामिल*
मशीन से सिर काटकर ले जाने की घटना को अकेले महिला अंजाम नहीं दे सकती है। जल्द ही पुलिस महिला को रिमांड पर लेगी। इसके बाद और राज खुल सकेंगे। अन्य नाम भी सामने आएंगे। मशीन से सिर काटना महिला के वश की बात नहीं है। हालांकि महिला अपने बयान से पलट रही है।
*चोरी के बाद हुए थे आंदोलन*
भगवान बुद्ध की मूर्ति का सिर काटकर ले जाने के मामले में संगठनों ने आंदोलन किए थे। डीएम व एसएसपी को ज्ञापन देते हुए जल्द से जल्द सिर बरामद करने की मांग की गई थी। भूख हड़ताल की भी चेतावनी दी गई थी