

( स्रष्टि रचियता महर्षि कश्यप के गौरवशाली इतिहास का उनके वंशजो ने लिया संजोऐ रखने का संकल्प )
कासगंज / एटा स्रष्टि रचियता महर्षि कश्यप के अवतरण दिवस को अखिल भारतीय कश्यप निषाद सगंठन के तत्वाधान में विभिन्न स्थानों पर कश्यप समाज के लोगों ने हर्षौल्लास के साथ मनाया !
कासगंज जिले के कस्बा सिढपुरा में घुमरी रोड पर कश्यप निषाद सगंठन के जिलाध्यक्ष डा. ओमनरायण कश्यप के नेत्रत्व में कश्यप समाज की संगोष्ठी करने के बाद महर्षि कश्यप की शौभा यात्रा निकाली गयी , जिसका संयुक्त उदघाटन अघ्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती रत्नेश कश्यप , प्रतिनिधि अध्यक्ष जिला पंचायत बॉबी कश्यप , भाजपा मतस्य प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के सहसंयोजक सत्येन्द्र कश्यप “बॉबी” , उत्तर प्रदेश कश्यप निषाद सगंठन के प्रदेश अघ्यक्ष राकेश कश्यप वरिष्ठ पत्रकार द्वारा किया गया ! कश्यप समाज की विशाल संगोष्ठी को संबोधित करते हुऐ अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती रत्नेश कश्यप ने कहा कि आधुनिक दौर में सत्ता में बिना भागीदारी के कश्यप वंश के विकास की कल्पना महज एक ढकोसला है ! इसके लिऐ हम सबको एकजुटता का ऐहसास राजनैतिक दलों को कराना होगा ! संगोष्ठी को संबोधित करते हुऐ प्रतिनिधि अध्यक्ष जिला पंचायत बॉबी कश्यप ने कहा कि यदि सत्ता एवं समाज में बराबर की हिस्सेदारी व विकास चाहिऐ तो कश्यप समाज के लोगों को अपनी कुछ कुरीतियो का त्याग करते हुऐ अपने बच्चों में शिक्षा दीक्षा का भाव जाग्रत करना होगा ! कश्यप निषाद सगंठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कश्यप वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि ब्रम्हा जी ने मानव की स्रष्टि हेतु अपने तपोबल से सप्तश्रषियों को उतपन्न किया था जिनमें सर्वश्रेष्ठ श्रिषि महर्षि कश्यप हुऐ थे जिनसे इस धरा पर कश्यप वंश का उदय होना पुराणों मे बताया गया है ! महाराजा दक्ष प्रजापति ने अपनी तेरह पुत्रियों में से दिति व अदिति का वरण महर्षि कश्यप के साथ किया था ! जिनमें दिति से दानव व अदिति से देवताओं का उदय हुआ ! देवताओं में वरूण देवता ( जल देवता ) उतपन्न हुऐ जिनसे कश्यप समाज को नेत्रत्व मिला , इनके अलावा दानवों में राजा हिरण्य कश्यप हुऐ थे जिन्होने अपने पराक्रम से राजा इन्द्र का सिहांसन तहस नहस कर दिया था ! इधर रादा इन्द्र ने हिरण्य कश्यप को मात देने के लिऐ उनकी पत्नी कयादू का अपहरण कर लिया ! जब श्रिषि नारद ने यह द्रश्य देखा तो वह राजा इन्द्र से कयादू को मुक्त कराकर अपने आश्रम ले आऐ ! आश्रम में गर्भवती कयादू ने प्रहलाद नामक बच्चे को जन्म दिया ! क्योंकि प्रहलाद भगवान से प्रभावित था तो उसे मारने के लिऐ हिरण्य कश्यप ने अपनी बहिन होलिका को निर्देशित किया ! बहिन होलिका अपने भतीजे प्रहलाद को बचाने के लिऐ एक अद्रश्य चादर में लपेटकर अपने ही पैर के अंगूठे से अग्नि उतपन्न कर उसमे समा गयी और भक्त प्रहलाद को बचाकर अपनी कुर्बानी दी ! इसीलिऐ होली पर्व पर सभी लोग उनकी पूजा कर उनके व भक्त प्रहलाद के जयकारे लगाते हैं ! राकेश कश्यप ने आगे कहा कि यदि अतीत मे यह घटना न घटी होती तो हिन्दू धर्म में भाईचारे को बढावा देने वाले होली पर्व का आगाज न होता ! महर्षि कश्यप निषाद जंयती का आयोजन मुहल्ला खैडिया स्थिति कश्यप धर्मशाला में भी चन्द्रभान कश्यप महामंत्री भाजपा ओ.बी.सी. मोर्चा के नेत्रत्व मे समपन्न हुआ ! यहां पर स्वजातिय बंधुओ मे महर्षि कश्यप के चित्र पर माल्यार्पण कर भंडारे का आयोजन किया ! कार्यक्रम के दौरान आयोजक द्वारा कश्यप निषाद सगंठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कश्यप सहित गुलजारी लाल , प्रवीन कश्यप , होरीलाल कश्यप , गोपीराम कश्यप , विशाल कश्यप, नरायणदत्त कश्यप आदि दर्जनों सामाजिक नेताओं का भव्य अभिनन्दन किया ! एटा मुख्यालय के कासगंज रोड पर भी महर्षि कश्यप निषाद जंयती का आयोजन कसैटी के पूर्व प्रधान शेर सिहं व शिवराज सिहं कश्यप के नेत्रत्व में हवन यञ के साथ शुभारंभ हुआ ! आयोजकों द्वारा क्षेत्रिय विधायक वीरेन्द्र सिहं लोधी , ब्लॉक प्रमुख शीतलपुर पुष्पेन्द्र लोधी , ब्लॉक प्रमुख मारहरा रवि राजपूत , पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी , वरिष्ठ पत्रकार राकेश कश्यप , महेश वर्मा आदि समाज के गणमान्य लोगों का पगडी व शॉल पहनाकर माल्यार्पण कर भव्य अभिनदंन किया ! कसैटी से प्रारंभ हुई भगवान महर्षि कश्यप की शौभायात्रा शहर में धूमधाम से बैन्ड बाजों के साथ विचरण करते हुऐ जनता दुर्गा माता मंदिर पर समाप्त हुई ! जिसमें सैकडों स्वजातिय बंधुओ ने शिरकत की !