
धनबाद
27मार्च दिन सोमवार को प्रातः पाथरडीह हाटतल्ला बस्ती के बजरंगबली मंदिर के प्रांगण में नौ दिवसीय यज्ञ अनुष्ठान हेतु कलश शोभायात्रा निकाली गई जिसमें श्री गणेश जी,शंकर भगवान, काली मां ,राम- लक्ष्मण, हनुमान जी, राधा- कृष्ण और उनकी गोपियों के संग सुदामा की झांकी आगे आगे चल रही थी पीछे -पीछे 1111 (एक हजार एक सौ ग्यारह) कलश लिए महिलाएं और कुछ पुरुष पाथरडीह हाटतल्ला से अजमेरा रेलवे गेट ,बस स्टैंड होते हुए ,पांडे बस्ती , रिवरसाइड सुदामडीह स्टेशन के पास सूर्य मंदिर के दामोदर घाट में मंत्रोच्चारण के साथ कलश में जल भरकर नारायण होटल होते हुए मिनी बस्ती होते हुए हाटतल्ला के यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर कलश स्थापित की। इसके उपरांत मासस जगदीश रवानी जी ने अपने उद्बोधन में बोले की झांकी और कलश शोभायात्रा में उमड़ी भीड़ को देखकर पता चलता है हमारे हाटतल्ला वासी और यहां आए 7 गांव के लोग इसके लिए कितने उत्सुक प्रफुल्लित एवं प्रसन्न हैं इसके लिए मैं आप सभी नगर वासियों को दिल से हार्दिक बधाई देता हूं और मैं आप लोगों को हर प्रकार का सहयोग करने का वादा करता हूं और आप सभी जब भी बुलाएंगे मैं आने का वादा करता हूं । इन्हीं बातों के साथ उन्होंने अपनी वाणी को विराम दिए । इसके साथ ही सभी कलश शोभायात्रा में भाग लेने वाली महिलाएं ,-पुरुष -बच्चे सभी सामूहिक भोजन किए साधन महतो ने धन्यवाद ज्ञापन
के साथ बताएं कि आज ही 3:00 बजे से सुंदरकांड होगी उसके उपरांत आज से प्रवचन प्रारंभ हो जाएगी।
यज्ञाधिश आशीष जी महाराज (राष्ट्रीय धर्म प्रचारक साहित्याचार्य एवं भागवताचार्य एoएचoपी o है । त्यागी जी काशी विश्वनाथ के हैं ।सभापंडित स्मृति रत्न आशीष पांडे जी बनारस उत्तर प्रदेश के हैं। इस यज्ञ में थाना बस्ती, सवारडीह बस्ती, पाथरडीह कोलियरी ,अजमेरा- रेलवे स्टेशन बस स्टैंड पांडे बस्ती, हाटतल्ला बस्ती, नारायण होटल मिनी बस्ती,7 गांव के लोग शामिल थे। लोग कहते हैं इस प्रकार का शोभायात्रा इतनी धूमधाम से गाजे-बाजे के और हरि भजन के साथ पीछे पीछे झूमते नाचते गाते डीजे के धुन पर लोग चले जा रहे थे ऐसा पहली बार हुई है सभी बड़े खुश थे और यह कार्य निर्विघ्न संपन्न हुआ इसके लिए साधन महतो शंकर रवानी सुरेश रवानी मानिक चंद्र दत्ता राजेश बाउरी भूतपूर्व सरपंच जी एवं उनके सहयोगी और कमेटी के सभी सदस्य गण एक से एक कंधे मिलाकर मिलजुल कर हर काम को बड़े ही तन्यता के साथ यज्ञ कमेटी के लोग निर्विघ्नं संपन्न कर कर रहे थे यह देख कर सभी बड़े- बुजुर्ग बुद्धिजीवी वर्ग एवं यज्ञाधिश आशीष जी महाराज बहुत ही प्रसन्न थे।