
मेघालय में आखिर भाजपा की सरकार बन गई l मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हुए l तीनों फूलकर कुप्पा हुए जा रहे हैं कि देखो नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, अमित शाह की चाणक्य नीति और जेपी नड्डा के कुशल नेतृत्व का परिणाम है कि आज मेघालय में भाजपा की सरकार है l
आप पूछेंगे कि मुख्यमंत्री कौन बने हैं ? मुख्यमंत्री बने हैं कानराड संगमा l जी हां वही कानराड संगमा जिनके लिए मोदी और अमित शाह चुनाव प्रचार की रैलियों में यह कहते घूम रहे थे कि ये देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं और मेघालय की सरकार सबसे भ्रष्ट सरकार है l विधानसभा चुनाव में मेघालय की सभी 60 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशी खड़े किए थे जिनमें से 58 हार गए l केवल 2 प्रत्याशी जीते l यह इसके बावजूद था कि पार्टी ने प्रचार में पूरी ताकत झोंकी I प्रधानमंत्री और गृहमंत्री तक ने जाकर वोट मांगे I और मेघालय के भाजपा अध्यक्ष ने यहां तक ऐलान कर दिया कि मेघालय में गोमांस की सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी I
भाजपा के केवल 2 विधायक जीते l कानराड संगमा की पार्टी को दोबारा पूर्ण बहुमत मिल गया l भाजपा झट से उस मुख्यमंत्री की सरकार में शामिल हो गई जिसे देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बता रही थी l अब भाजपा को यह तसल्ली है कि कम से कम मेघालय में भी उनकी सरकार है l आप इसे सत्ता लोलुपता कहें I बेशर्मी कहें, या राजनीति का पतन I वह आपकी मर्जी है l
?????????????? “सरकार”
के ख़िलाफ़ बोलना “देश”
के ख़िलाफ़ है तो पंडित नेहरू से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ बोलने वाले “भाजपा”
के सभी नेता “देश द्रोही”
कहलाये जायेंगे.
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जिस दिन महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के खिलाफ भाजपा की फेंक न्यूज़ की फेक्टरी आईटी सेल सक्रिय की गई थी, उसी दिन यह तय हो गया था कि अब देश में कोई लोकतांत्रिक मर्यादा नहीं बचेगी।
पंडित नेहरू से गले मिलतीं उनकी बहन विजय लक्ष्मी पंडित की तस्वीर शेयर करके जब नेहरू को चरित्रहीन बताया जाने लगा था, तभी यह तय हो गया था कि यह देश अपने पतन की पराकाष्ठा की ओर बढ़ रहा है।
जिन गांधी को सुभाष चंद्र बोस ने राष्ट्रपिता कहा, उन्हीं गांधी के खिलाफ पिछले नौ साल में सबसे घिनौना अभियान चला और यह भारत देश के अंदर चला। जिन गांधी को रवींद्र नाथ टैगोर ने महात्मा कहा था, उन गांधी के खिलाफ सबसे निकृष्ट अभियान इस आजाद भारत में चलाए गए और यह सत्ता में बैठे लोगों ने चलवाया। बाकायदा अरबों के खर्च से भाजपा के फेंक न्यूज़ फैलाने वाली आईटी सेल बनाकर।
जिन नेहरू जी ने इस देश की नींव रखी, जिन नेहरू जी के बनाए संस्थान अथक मेहनत करके भी नौ साल में बर्बाद नहीं किए जा सके, उन नेहरू जी की बहन के साथ उनका फोटो सर्कुलेट करके उन्हें गंदी गालियां दी गईं।
जिन लोगों की निगाह में गांधी नेहरू जी चरित्रहीन थे, पतित थे, पथभ्रष्ट थे, हिंदू विरोधी अथवा देशद्रोही थे, जिनकी निगाह में गांधी-नेहरू-पटेल आपस में दुश्मन थे, जिनकी निगाह में संविधान और तिरंगा भी देशविरोधी रहा हो, उनके लिए राहुल गांधी या दूसरा कोई भी विपक्षी नेता सम्मानीय क्यों होने लगा?
वे आज राहुल गांधी को देश के लिए खतरा बता रहे हैं। कल को वे हर उस व्यक्ति को खतरा बताएंगे जो उनके पागलपन में शामिल नहीं होगा। कभी वह आप होंगे, कभी वह हम होंगे।
सबसे अहम सवाल यह है कि आपको यह लोकतंत्र चाहिए या नहीं चाहिए? वे इसे नष्ट कर रहे हैं। आपको भी नहीं चाहिए तो जय सियाराम!