न्यायालय द्वारा बिजली चोरी में ₹4000 अर्थदंड लगाया

न्यायालय द्वारा बिजली चोरी में ₹4000 अर्थदंड लगाया ।
मैनपुरी स्पेशल जज ईसी एक्ट न्यायालय ने अपने जुर्म को इकबाल करते हुए आरोपी लीलाधर पर न्यायधीश मीता सिंह ने ₹4000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया अथवा अर्थदंड न देने पर 15 दिन का साधारण कारावास की सजा सुनाई घटना दिनांक 19 अक्टूबर 2016 की है विद्युत अवर अभियंता असलम उद्दीन द्वारा अपने साथियों के साथ गोला बाजार निवासी लीलाधर पुत्र द्वारका प्रसाद का विद्युत को घरेलू कनेक्शन मंजूर होने के बाद सीधे विद्युत केबल पर डालकर विद्युत की चोरी करते हुए मौके पर पाया था जिसकी रिपोर्ट थाना कोतवाली मैनपुरी में दर्ज की थी पुलिस विवेचना में गवाहों अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित हुआ लीलाधर द्वारा न्यायालय में अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया कि वह गरीब बुजुर्ग व्यक्ति है और कि नहीं लड़ सकता है इसलिए अपने जुर्म का इकबाल करते हुए और उसके द्वारा विद्युत चोरी का राजस्व निर्धारण थाना तहसील के अमीन द्वारा ₹15000 वसूल किए जा चुके हैं इस आधार पर उसे कम से कम अर्थदंड से दंडित किया जाए जिस पर विद्युत विभाग के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया द्वारा न्यायालय को अवगत कराया कि लीलाधर द्वारा विद्युत राजस्व निर्धारण तहसील के माध्यम से विद्युत विभाग में ₹15000 जमा कर दिया है किंतु समन शुल्क उसके द्वारा जमा नहीं किया गया इसलिए आरोपी ने अपने जुर्म का इकबाल किया है इस आधार पर अधिक से अधिक अर्द्ध दंड एवं सजा से दंडित किया जाए ।जिस पर स्पेशल जज स्पेशल ईसी एक्ट मीता सिंह द्वारा आरोपी लीलाधर को ₹4000 अर्थदंड से दंडित किया अथवा अर्द्ध दण्ड जमा ना करने की स्थिति में 15 दिन साधारण कारावास का आदेश किया ।जिस पर आरोपी लीलाधर द्वारा ₹ ₹4000 न्यायालय में अर्द्ध दण्ड का जमा किए गया ओर से रिहा किया गया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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