राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार से सम्मानित हुए डॉ रघुनंदन
जेल सुधारों के क्षेत्र में कर रहे हैं काम
पदमश्री के लिए कई बार हुए है नामांकित
कासगंज जेल को दिलाई नई पहचान

कासगंज 18 फरवरी। जेल सुधारों के क्षेत्र में पिछले 16 वर्षों से महत्वपूर्ण कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, जेल सुधारक डॉ प्रदीप रघुनंदन को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वर्थी वैलनेस फाउंडेशन इंदौर के द्वारा कराए गए ऑनलाइन सर्वे में जेल सुधारों के क्षेत्र में डॉ. प्रदीप रघुनंदन को बंदी कल्याण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की कासगंज जेल में चलाए गए अभियान के लिए उनके नाम का चयन किया गया।
ज्ञात हो कि डॉक्टर प्रदीप रघुनंदन जेल सुधारक के रूप में पिछले 16 वर्षों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बंदी सुधारात्मक अभियान संचालित कर रहे हैं। जनपद कारागार एटा को देश का सबसे पहला आईएसओ प्रमाण पत्र दिलाने, बंदियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने, जेल रेडियो के माध्यम से बंदियों का स्वास्थ्य मनोरंजन करने, रचनात्मक लेखन अभियान के जरिए बंदियों के अंदर कविता कहानी गजल गीत निबंध की प्रतिभा को तलाश कर उन्हें मंच प्रदान करने एवं जनपद कारागार कासगंज में दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा झंडा फहराने के डॉ रघुनंदन के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है।
डॉ.रघुनंदन को कई बार प्रदेशी और राष्ट्रीय सम्मान से पुरस्कृत किया जा चुका है l उत्तर प्रदेश जेल के महानिदेशक आनंद कुमार ने उन्हें उनके विशिष्ट बंदी सुधार अभियानों के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जेलों में कार्य करने हेतु जेल एडवाइजर मनोनीत किया है।
जेल सुधारक डॉ रघुनंदन को वर्चुअल कल यह सम्मान प्रदान किया गया लेकिन आगामी 1 मार्च को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर जी उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगे। रघुनंदन को सम्मानित किए जाने पर जेल अधीक्षक कासगंज विजय विक्रम सिंह, पूर्व जेलर एन सिंह, प्राचार्य ए के रस्तोगी, डॉक्टर आर के दीक्षित,वरिष्ठ अधिवक्ता महेश चंद शर्मा, डॉ मनोज शर्मा, मनोज यादव,लोकेंद्र मिश्रा एडवोकेट, जय नारायण वर्मा, हरिओम शर्मा आदि गणमान्य नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया है।