जय भोले-जय शंकर, क्या कांटा क्या कंकर

जय भोले-जय शंकर, क्या कांटा क्या कंकर
भगवान शिव की पूजा-अर्चना को शिवभक्तों में उत्साह, सुबह ही कछला, लहरा गंगा घाटों की ओर रवाना हुए कांवड़िए

एटा,महाशिवरात्रि को लेकर शिवभक्तों में काफी उत्साह है। हर ओर बम-बम भोले हर-हर महादेव की गूंज बनी हुई है। कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरुओं की झनकार महौल को भक्तिमय बना रही है। कांवड़ियों के जत्थे वाहनों पर डीजे बजाते हुए गंगाघाटों की ओर जल भरने आ-जा रहे हैं। भक्तों में भगवान शंकर के प्रति अपार श्रद्धा देखते ही बन रही है।

महाशिवरात्रि से एक दिन पहले शुक्रवार को शहर के सभी मुख्य मार्गो पर कांवड़ियों की धूम बनी हुई है। गंगाघाटों की ओर से आने वाले कांवड़ियों के हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयघोषों से मार्ग गूंज रहे हैं। कांवड़ियों के जत्थों में पुरुषों के साथ महिला श्रद्धालु भी बढ़-चढ़कर सहभागिता कर रही हैं। आसपास क्षेत्र के श्रद्धालु गंगाजल भरने के लिए गंगातटों पर पहुंच चुके हैं। घाटों पर मेला जैसा दृश्य नजर आ रहा है। जनपद कासगंज से शहर की ओर से आने वाले शिवभक्त महादेव के जयकारे लगाकर लोगों में उत्साह भर रहे हैं। बटेश्वर, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, आगरा, धौलपुर, मथुरा के सैकड़ों कांवड़िया भगवान के जयकारे लगाते हुए शहर से गुजर रहे हैं।

शुक्रवार को कांवड़ियों के जत्थे में शामिल शिवभक्तों ने बताया कि महाशिवरात्रि तक वह गंतव्य शिवालय तक पहुंच जाएंगे। उसके लिए वह दिन-रात लगातार पैदल यात्रा कर रहे हैं। कांवड़ियों की सेवा के लिए व्यापारियों, समाजसेवियों एवं पुलिस अफसरों ने भी कांवड़ यात्रा में जगह-जगह फल, मिष्ठान, दूध, लस्सी का प्रबंध करने के साथ उनके आराम का भी प्रबंध किया है। कुछ स्थानों पर कांवड़ियों के स्वास्थ्य के प्रति चिकित्सक एवं दवा का भी इंतजाम किया गया है।

इच्छेश्वर महादेव व परसोंन के प्राचीन शिवालय पर होगी महादेव की स्तुति एटा। महाशिवरात्रि पर जलेसर के पटना पक्षी विहार स्थित इच्छेश्वर महादेव शिवालय पर श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा का सैलाब उमड़ेगा। इसके साथ ही परसोंन नाथ शिवालय पर एटा ही नहीं अलीगंज क्षेत्र तक के शिवभक्त कांवड़ियां एवं श्रद्धालु कांवड़ चढाएगे। मान्यता है कि यह दोनों ही शिवालय बेहद प्राचीन एवं सिद्ध शिवालय है।

जान जोखिम में डालकर गंगाघाटों पर पहुंचते रहे कांवड़िया एटा। देवाधिदेव की भक्ति करने के लिए शिवभक्त अपनी जान जोखिम में डालने से भी पीछे नहीं हटे। वह वाहनों की छतों और डालों पर बैठकर गंगाघाटों की ओर जल भरने के लिए रवाना हो रहे।

महाशिवरात्रि से एक दिन पहले शहर में दिनभर ऐसे दृश्य देखने को मिलते रहे। कांवड़िया रोडवेज, डग्गार एवं निजी वाहनों पर आते-जाते देखे गए।

आकर्षक सफेद लुक में दिखेगा कैलाश मंदिर

जनपद के प्रसिद्ध प्राचीन शिवालय कैलाश मंदिर को आकर्षक रूप देने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। भक्तों में आस्था के प्रतीक चतुर्मुखी महादेव की शिवलिंग के दर्शन के लिए महाशिवरात्रि पर मेला का आयोजन होगा। मंदिर के महंत धीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि प्राचीन शिवालय कैलाश मंदिर में महाशिवरात्रि पर 60 हजार से अधिक शिवभक्तों के आने की संभावना है। मंदिर पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल भी तैनात किया गया है। इस बार शिवालय को सफेद रंग से सजाया गया है।

कैलाश मंदिर पर पूजा का रहेगा यह समय
एटा। शुक्रवार को कैलाश मंदिर के महंत धीरेंद्र झा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर चतुर्मुखी शिवलिंग का जलाभिषेक करने के लिए कैलाश मंदिर के प्रात चार बजे कपाट खोल दिए जाएंगे। दोपहर दो बजे तक जलाभिषेक होगा। इसके बाद शाम पांच बजे शिवलिंग का भव्य श्रृंगार एवं दर्शन होंगे। रात साढ़े सात बजे संध्या आरती एवं दर्शन होगे। रात 10 बजे महाआरती एवं दर्शन होगे। इस बार शिवालय तक कांवड़ लाने की अनुमति नहीं है। श्रद्धालु केवल गंगाजलि से ही भगवान का अभिषेक करेंगे।

महाशिवरात्रि पर सजकर तैयार नौरंगाबाद शिव मंदिर

सकीट। गांव नौरंगाबाद के पास प्राचीन शिव मंदिर है। इसकी विशेष महिमा के चलते महाशिवरात्रि पर इस शिवालय पर बड़ी संख्या में भक्तजन पूजा-अर्चना कर कांवड़ चढ़ाकर मनौतियां मांगते है। यहां महाशिवरात्रि के दिन मेला भी लगता है। रात में धार्मिक कार्यकम का आयोजन किया जाता है। बुजुर्गों का मनाना है कि इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई मनौती पूर्ण होती है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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