चतुर्थ दिवस के शिविर का समापन राष्ट्रगान व राष्ट्रीय सेवा योजना की ताली के माध्यम से किया गया।


सेवा योजना महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस का शुभारंभ सामूहिक रूप से डाॅ.किरन सिंह, डॉ सुरेखा जयसवाल व डॉ.उर्जस्विता सिंह के संयोजन में हुआ ।
शिविर के चतुर्थ दिवस का कार्यक्रम शिविर स्थल कुशवाहा धर्मशाला में शिविर की स्वच्छता एवं ज् योगाभ्यास के साथ हुआ| उसके बाद राष्ट्रीय योजना के लक्ष्य के गीत एवं राष्ट्रभक्ति गीतों की प्रस्तुति के बाद सभी समस्त स्वयं सेविकाएं छोटी – छोटी टुकडियों में कार्य स्थल छित्तूपुर बस्ती में गई जहां उन्होंने लोगों को शिक्षा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य किया| वहां से लौटकर भोजन अवकाश में स्वयं सेविकाओं को भोजन कराया गया|
शिविर का दूसरा सत्र वैचारिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर केन्द्रित रहा|वैचारिकी के अन्तर्गत मुख्य अतिथि के रूप में उद्बोधन देते हुए डॉ अर्चना गोस्वामी ,असिस्टेंट प्रोफेसर इतिहास विभाग ने महिला सशक्तिकरण पर वार्ता की और कहा कि आज हम सभी महिलाओं को ना केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक और मानसिक रूप से भी सुदृढ़ एवं सशक्त होने की आवश्यकता है। महिलाओं को यह सोच मजबूत करने की आवश्यकता है कि वह भी बेहतर कर सकती हैं और वह स्वयं में ही सशक्त है|द्वितीय सत्र में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात मुख्य अतिथि के स्वागत के क्रम में उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और स्वयं सेविकाओं द्वारा स्वागत गान की प्रस्तुति की गई |
विषय प्रवर्तक के रूप में डॉ किरन सिंह ने बलिकाओ को योगाभ्यास एवं उसके लाभ के बारे में बताया। उक्त कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर सुरेखा जयसवाल की देखरेख में में संपन्न हुआ। कार्यक्रम समाप्ति के क्रम में धन्यवाद ज्ञापन डॉ उर्जस्विता सिंह द्वारा किया गया।
वॉलिंटियर्स के रूप में आर्या दुबे, महिमा मौर्या,साधना बिंद, अंशिका सिंह, रश्मि चंदेल, खुशी उपाध्याय, प्रियांशी गुप्ता, अनन्या श्रीवास्तव एवं भूमि त्रिपाठी उपस्थित रही।
चतुर्थ दिवस के शिविर का समापन राष्ट्रगान व राष्ट्रीय सेवा योजना की ताली के माध्यम से किया गया । उक्त शिविर में तीनो कार्यक्रम अधिकारियों के लगभग डेढ़ सौ से अधिक छात्राओं की सराहनीय उपस्थिति दर्ज की गई।