भाकियू भानु द्वारा सरकार से “किसान आयोग” की मांग व “कर्जा मुक्त किसान योजना” लागू कराने हेतु प्रदेश कार्यालय इमलिया पर किसान महापंचायत का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया
योगेश प्रताप सिंह “प्रदेश अध्यक्ष” ने भरी हुंकार :- सरकार ने जल्द ही मांगे नहीं मानी तो प्रदेश भर के सभी सरकारी कार्यालयों में होगी तालाबंदी
विशनपाल सिंह चौहान -पत्रकार (प्रधान संपादक) अलार्म इण्डिया न्यूज एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन भान

एटा/ फिरोजाबाद (यूपी)। भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय ठाकुर भानु प्रताप सिंह के आवाहन एवं प्रदेश अध्यक्ष ठा. योगेश प्रताप के नेतृत्व में केंद्र सरकार से किसान आयोग की मांग एवं कर्जा मुक्त किसान योजना लागू करने सहित किसानों की अन्य समस्याओं की मांगों का समाधान कराए जाने हेतु आगरा रोड स्थित यूनियन के प्रदेश कार्यालय ग्राम नगला इमलिया पर ठाकुर होडल सिंह की अध्यक्षता में किसान महापंचायत द्वारा अनिश्चितकालीन धरना – प्रदर्शन, आंदोलन का बिगुल बजा दिया गया है।

धरना प्रदर्शन से पूर्व विधि विधान पूर्वक विद्वान आचार्य के माध्यम से कराये गये हवन/ यज्ञ में वहां मौजूद हजारों किसानों द्वारा आंदोलन की मंगल कामना के लिए समस्त देवी देवगणों का आवाहन करने हेतु विशेष मंत्रों की आहुतियां दी गई।
प्रदर्शन स्थल पर शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु लगभग आधा दर्जन जिलों का भारी पुलिस तथा पीएसी बल मौके पर तैनात रहा। एक तरफ जहां किसानों द्वारा अपने आंदोलन को सफल बनाने हेतु यज्ञ किया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर 1 दिन पूर्व धरना स्थल पर पहुंचे समस्त क्रषकों को भोज कराया जा रहा था।अनशन स्थल पर हजारों किसानों की उपस्थिति हो चुकी है। और भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आन्दोलन की सफलता हेतु यज्ञ संपन्न कराने की धार्मिक प्रक्रिया को यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप द्वारा यूनियन के सभी साथियों के साथ मिलकर पूर्ण कराया गया है।
किसानों की समस्याओं से संबंधित मांगों को पूर्ण कराए जाने हेतु आयोजित की गई किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए ऐलान किया है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पूरे उत्तर प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन भानु सरकार के सभी कार्यालयों में तालाबंदी करने को विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित अधिकारियों की होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में तमाम किसान यूनियनें किसानों का सहारा लेकर निजी स्वार्थ की पूर्ति कर रही हैं, और धरना प्रदर्शनों के जरिए दबाव बनाकर सरकार और अधिकारियों के साथ बैठकर बंद कमरे में फैसला ले लेती हैं, इससे आज तक न तो किसानों का भला हुआ है। और ना ही किसान यूनियनों के सिद्धांतों का पता चल सका है। किसान आज भी भुखमरी एवं कंगाली के दौर में जीने को मजबूर है कर्जा का बोझ ढोते ढोते हजारों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। लेकिन देखते ही देखते किसान नेता लखपति से करोड़पति होते जा रहे हैं, इसीलिए सभी यूनियनों के अध्यक्षों एवं किसान नेताओं की जांच होनी चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो सके।
योगेश प्रताप सिंह ने आगे कहा कि भारतीय किसान यूनियन भानू ने हमेशा किसानों के अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया है, और किसी के साथ कोई छल कपट तथा स्वार्थ पूर्ति नहीं की है। इसीलिए हमारी यूनियन की भी जांच होनी चाहिए, हम इसके लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाधान से पहले यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। सरकार चाहे तो लाठीचार्ज करा दे, किसानों पर गोली चलवा दे, लेकिन शर्त यह है कि किसानों के ऊपर नहीं सबसे पहली गोली सरकार मेरे सीने पर चलबाये तभी आंदोलन रुक सकता है। प्रदेश अध्यक्ष की यह घोषणा सुनते ही हजारों किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया और सभी ने सभा स्थल पर खड़े होकर *योगेश प्रताप सिंह जिंदाबाद – जिंदाबाद – *योगेश प्रताप सिंह संघर्ष करो – हम तुम्हारे साथ हैं*। जैसे गगन भेदी नारे लगाकर आंदोलन में जान फूंकने का काम किया।
प्रदेश अध्यक्ष ने सड़कों पर छुट्टा घूम रहे हजारों गऊ वंशों द्वारा किसानों की फसलों को चोपट किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छुट्टा घूम रही गायों को सरकार व्यवस्थित तरीका से रखरखाव करे, और गौशालाओं पर निगरानी रखें, वहां सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। गौ माता गौशालाओं में ही भूखों मर रही हैं,तथा गौशाला संचालक निजी स्वार्थ में सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग कर रहे हैं।
सरकार सहयोग देकर किसानों से गोपालन कराएं, और उनसे ऊंचे दामों पर गाय का गोबर खरीद कर जैविक खाद्य का निर्माण करें, जिससे रोग रहित फसलें पैदा हो सकें,तो गौ माता का संरक्षण भी होगा सुरक्षा भी होगी और किसानों की फसलें भी सुरक्षित बनी रहेंगी।
उन्होंने किसानों को कर्जा मुक्त किए जाने की मांग करते हुए कहा कि किसानों को किस्तों में सहायता नहीं चाहिए। एक बार में ही उसे कर्जा मुक्त कर दिया जाए। जिससे किसान मरने को मजबूर ना हो। यदि किसानों को कर्जा मुक्त नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन भानु पूंजीपतियों का कर्जा भी माफ नहीं करने देगी, और आगामी चुनावों में किसान विरोधी सरकारों से हिसाब चुकता कर लिया जाएगा।
इस मौके पर विशन पाल सिंह चौहान (पत्रकार) राष्ट्रीय उपाध्यक्ष – भारतीय किसान यूनियन भानु ने किसान महा पंचायत को संबोधित करते हुए कहां के किसान आयोग के गठन की मांग भारतीय किसान यूनियन भानु बहुत समय पूर्व से करती आ रही है, लेकिन सरकार ने आज तक आश्वासन के अलावा और कुछ भी नहीं दिया इसलिए यह अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया गया है, जब तक सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें न्याय दिलाने के लिए किसान आयोग का गठन नहीं करती और किसानों के लिए कर्जा मुक्त योजना लागू नहीं करती, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। और संगठन के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के आवाहन तथा प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह के निर्देशन में देशभर के लाखों किसान आर पार की लड़ाई के लिए तैयार खड़े हैं।
इसी क्रम में देवेंद्र सिंह तोमर पूर्व जिला पंचायत सदस्य रतीगढ़ी ने प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह को किसानों का असली हितेषी बताते हुए तन मन धन से आंदोलन का सहयोग करने की घोषणा करते हुए, ₹100000 की थैली भेंट की तथा अपने संबोधन में कहा कि मैंने अपने जीवन में तमाम किसान नेता देखे हैं लेकिन योगेश प्रताप सिंह जैसा ईमानदार, जानदार, और शानदार तथा किसानों के हितों के लिए मर मिटने का जज्बा रखने वाला कोई दूसरा नेता नहीं देखा है। इसीलिए मैं जब तक इस पृथ्वी पर हूं आगे भी इसी तरह भारतीय किसान यूनियन भानु का तन मन और धन से सहयोग करता रहूंगा, जिससे किसानों को न्याय मिलने में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा उत्पन्न ना हो सके। श्री तोमर द्वारा किए गए आर्थिक सहयोग की हौसला अफजाई के लिए पंचायत में मौजूद हजारों किसानों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया तथा अपने चहेते नेता योगेश प्रताप सिंह को बधाई दी।
अगली कड़ी में डॉ. रामगोपाल ने कहा कि किसान कभी चैन से नहीं बैठता है, लेकिन संगठित होने के लिए उसे बैठना पड़ता है। किसानों की यही सादगी इस पंचायत में उदाहरण बनी हुई है। धीरेंद्र सिंह धीरू राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा किसान यूनियन ने कहा कि सरकार किसानों का बैंक का कर्जा माफ करें और 60 वर्ष से ऊपर के किसानों को ₹10000 प्रति माह पेंशन देने का कार्य करे। डॉक्टर वीरेंद्र सिंह हापुड़ ने कहां की यह आंदोलन आर पार होकर रुकेगा। अरविंद पवार ने कहा कि जब तक सरकार घुटने नहीं टेकेगी तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टर रेहान फारुख राष्ट्रीय महासचिव ने कहां के जिस समय गेहूं का मूल्य ₹76 कुंतल होता था,उस समय के अध्यापक का वेतन भी 76 रुपए प्रतिमाह ही होता था। लेकिन अब किसानों के साथ घोर अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कार्ड बनना चाहिए जिससे उसी कार्ड पर किसानों को सभी सहूलतें मिल सके।
संतोष यादव प्रधान राष्ट्रीय महासचिव ने अपने संबोधन में कहा कि देश का 80% किसान ही सरकार बनाता है, लेकिन उसी किसान का पुरसा हाल नहीं है, किसान हाल बेहाल है, और सरकार अपनी मनमर्जी करने में व्यस्त है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कौशल किशोर उपाध्याय ने कहां की आंदोलन की आज शुरुआत है कल से इस प्रांगण में अपार भीड़ शुरू हो जाएगी भीड़ जितनी महत्वपूर्ण नहीं है उससे कहीं अधिक संकल्प मजबूत होना चाहिए, तो मंजिल जरूर मिलेगी, इसी आधार पर संघर्ष जारी रहेगा। चौधरी महेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे देश का किसान अगले दिन से आंदोलन में शामिल होने के लिए इमलिया पहुंचने वाला है। अंशुमान ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार किसानों की लड़ाई मामूली न समझे, यदि सरकार अन्याय करेगी तो किसान को सत्ता परिवर्तन करने में देरी नहीं होगी। वही गीतम सिंह ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने की लड़ाई के लिए प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के हाथ मजबूत करना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड से आये विनय चौधरी ने कहां कि जिस तरह से भारतीय किसान यूनियन भानु ने भाजपा की सरकार बनाने में योगदान दिया, और बाद में उसी सरकार द्वारा किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है जो बहुत ही शर्मनाक है। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में किसानों को दोबारा से सोचना पड़ेगा। राष्ट्रीय सचिव जय भगवान सिंह सिसोदिया ने कहां के यह आंदोलन नहीं इमलिया में किसानों का इतिहास लिखा जा रहा है। उपरोक्त के अलावा और दर्जनों किसान नेताओं ने किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। कार्यक्रम का सफलतम संचालन भारती किसान यूनियन भानु के युवा नेतागण हर्ष ब्रजवासी तथा राजा ठाकुर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में रंजीत कुमार राजू आर्य राष्ट्रीय संगठन मंत्री, मानवेंद्र सिंह चौहान प्रदेश उपाध्यक्ष, लक्ष्मण सिंह चौहान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा किसान यूनियन, प्रवीण कुमार प्रधान प्रदेश सचिव, केके यादव मंडल उपाध्यक्ष, मनोज सिंह प्रधान, सत्येंद्र सिंह नेताजी,सोर्य प्रताप सिंह चौहान जिला संगठन मंत्री एटा, हर्षित चौहान मीडिया प्रभारी, रमेश सिंह जादौन पत्रकार, सहित हजारों अन्य पदाधिकारी गण तथा कार्यकर्ता व किसानगण मौजूद थे।