रूपेश वर्मा सहित 30 किसानों पर एफआईआर, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में घुसकर बवाल करने का आरोप –

रूपेश वर्मा सहित 30 किसानों पर एफआईआर, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में घुसकर बवाल करने का आरोप –

ग्रेटर नोएडा : किसान नेता डॉक्टर रुपेश वर्मा और उनके तीन साथियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह मुकदमा ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर कोतवाली में दर्ज किया गया है। इन लोगों पर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (Greater Noida Authority) में जन सुनवाई के दौरान जबरन दफ्तर में घुसने, बवाल करने, गाली-गलौज करने, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और अफसरों को जान से मारने की धमकी देने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। यह एफआईआर प्राधिकरण के एक सुरक्षाकर्मी की ओर से दर्ज करवाई गई है। दूसरी और रुपेश वर्मा का कहना है, “यह पूरी तरह अत्याचार है। किसानों की सुनवाई प्राधिकरण के अफसर करने को तैयार नहीं हैं। अगर अपनी समस्याएं लेकर प्राधिकरण में पहुंच रहे हैं तो फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। प्राधिकरण की मनमानी के खिलाफ जरूर खड़े होंगे।”

क्या है मामला

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी नरेंद्र ने पुलिस को बताया, “प्राधिकरण में प्रत्येक मंगलवार को किसानों और आम आदमी की समस्याओं से जुड़ी जन सुनवाई अधिकारी करते हैं। 17 जनवरी को भी जन सुनवाई चल रही थी। किसान और अन्य शहर के लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने प्रवेश पास बनवाकर प्राधिकरण के सभाकक्ष में जा रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे सादोपुर गांव के निवासी रूपेश वर्मा 25-30 लोगों के साथ प्राधिकरण के मुख्य द्वार पर पहुंचे।” नरेंद्र का कहना है, “मुख्य द्वार पर मैं, मेरे दो सहकर्मी और पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए थे। तभी रुपेश वर्मा और उनके साथ 25-30 अज्ञात लोग आए। उन्होंने हमारे साथ गाली-गलौज की। हाथापाई करते हुए जबरन सामूहिक रूप से जनसुनवाई कक्ष में घुस गए।”

दहशत में आ गए अफसर

आरोप है कि इससे जनसुनवाई कक्ष में मौजूद दूसरे फरियादियों में दहशत और भय का माहौल व्याप्त हो गया। सारे अधिकारी डर गए। रुपेश वर्मा और उनके साथियों ने जन सुनवाई कर रहे अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। अफसरों पर दबाव बनाया और धमकाने का प्रयास किया गया। इससे सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न हुई है। लोक सेवकों पर अनुचित दबाव बनाया गया है। उच्चाधिकारियों ने रुपेश वर्मा, उनके साथियों को समझाने का प्रयास किया और कामकाज में बाधा उत्पन्न नहीं करने के लिए निवेदन किया। इसके बावजूद यह लोग नहीं माने। आरोपियों ने कहा कि हम दल बल के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी से मिलने का समय लेने आए हैं। इन लोगों के आपराधिक कृत्य के कारण पब्लिक न्यूसेंस की स्थिति उत्पन्न हुई। इनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने रुपेश वर्मा और 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 323, 332, 353, 504, 506 और 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जल्दी ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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