अजब-गजब हाईस्कूल फेल रजनी बन गई प्रधानाध्यापिका, रिपोर्ट योगेश मुदगल

फिरोजाबाद, । दूसरों के दस्तावेज पर नौकरी करने का एक और मामला सामने आया है। फिरोजाबाद की रजनी ने आगरा निवासी सोनल के दस्तावेज इस्तेमाल किए और प्रधानाध्यापिका बन गई। गजब तो ये कि रजनी हाईस्कूल फेल निकली। ये मामला एक शिकायत के बाद सामने आया तो कई जांचों के बाद एडी बेसिक ने शिक्षिका को बर्खास्त कर उससे अब तक दिए गए वेतन की वसूली के आदेश बीएसए को दिए हैं।
दूसरी महिला के दस्तावेज और नाम पर नौकरी कर रही थी मामला हुब्बलाल बालिका विद्यालय से जुड़ा है। शिकायत मिली थी कि स्कूल में तैनात शिक्षिका सोनल यादव किसी दूसरी महिला के दस्तावेज और नाम पर नौकरी कर रही है। उसका असली नाम रजनी है। उसने शैक्षिक प्रमाण पत्रों में हेराफेरी की है। जिस सोनल यादव के दस्तावेज लगाए गए हैं, वह शिक्षा प्राप्त करने के दौरान ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस टू आगरा में किराए पर रहती थी। उसके पिता का नाम भी रजनी के पिता के नाम से मेल खाता है। जबकि रजनी रामकृष्ण नगर जलेसर रोड पर रहती थी। रजनी, प्रबंधक के भतीजे की पत्नी है। इस पर विभाग ने जांच शुरू की तो कई बिंदु सामने आए।
अक्टूबर में तत्कालीन बीएसए ने कराई थी जांच उधर जिस सोनल के दस्तावेज नौकरी में प्रयोग किए गए थे। उसने भी विभाग को अपने प्रमाणपत्र देते हुए कहा कि वह कहीं भी नौकरी नहीं कर रही है। अक्टूबर में तत्कालीन बीएसए अंजली अग्रवाल ने तीन सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षिका को बर्खास्त कर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश भी दिए।
इधर प्रबंध तंत्र ने इस मामले में 18 जनवरी को एडी बेसिक के समक्ष कार्रवाई का उल्लेख न करते हुए कहा कि बीएसए द्वारा गठित कमेटी मामले की जांच कर रही है। एडी बेसिक ने इसे गुमराह करने वाला तथ्य माना और बीएसए फिरोजाबाद को निर्देश दिए कि उक्त शिक्षिका को बर्खास्त कर अवैधानिक वेतन भुगतान की वसूली की जाए । वहीं बीएसए के आदेश पर कार्रवाई न करने के लिए प्रबंधक पर विधिक कार्रवाई की जाए।
19/01/2023
फर्जी शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश जारी, मुकदमा भी होगा
वेतन भुगतान भी वसूल होगा, प्रबंधक पर भी कार्रवाई के आदेश
हाथरस के देवेंद्र के कागज पर नौकरी करते पकड़ा था शिक्षक
बीते दिनों फिरोजाबाद के मदनपुर ब्लॉक के परियर स्कूल में तैनातत शिक्षक भी फर्जी निकला था, जो हाथरस के देवेंद्र के नाम पर फिरोजाबाद में नौकरी कर रहा था। एसआईटी की जांच के बाद में यह मामला खुला तो शिक्षक बर्खास्तगी की कार्रवाई से पहले ही गायब हो गया। उक्त शिक्षक के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।