मालखाना से सामान न गायब होगा और न ही बर्वाद, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा। अपराधियों से बरामद होने वाला सामान न तो मालखाना से गायब हो सकेगा और न ही जब्त सामान का नुकसान हो सकेगा। किस मामले में किस अपराधी से क्या पकड़ा गया है इसकी जानकारी चंद सेंकड़ में ही अधिकारियों के पास होगी। इसे लेकर जल्द ही जिले में ई-मालखाना की शुरूआत होने वाली है। ई-मालखाना को लेकर पुलिस अधिकारी ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
पायलट योजना के तहत जिले के तीन थानों में सबसे पहले ई-मालखाना बनाया जाएंगा। योजना के तहत जिले में तीन थाना कोतवाली देहात, मिरहची तथा रिजोर को इस योजना के तहत चयन किया गया है। यह प्रक्रिया सही साबित होती है तो सभी थानों में इसी तरह के मालखाना बनवाएं जाएंगे। इससे काफी पारदर्शिता देखने को मिलेगी। इससे पहले कलक्ट्रेट में एक कमरे में जब्त सामाना रखा जाता था। दीवार गिर जाने के कारण सामान दब गया था जिसके चलते काफी परेशानी हुई थी।
बरामद सामान की होगी बार कोडिंग पुलिस जो भी सामान जब्त करेगी और उसको ई-मालखाना में रखने से पहले बार कोडिंग की जाएगी। कम्प्यूटर की स्क्रीनिंग पर देख सकेंगे। जब्त माल कहां रखा है और क्या माल जब्त किया गया था। किस मामले में किस पर कार्रवाई हुई थी जिसकी जानकारी मिल सकेगी।
मालखाना में शराब पी गए थे चूहा, बंदूक हो गई थी गायब एटा। बता दें कि कुछ साल पहले कोतवाली देहात में देखने को मिला था कि माफियाओं से जब्त शराब चूहा पी गए थे। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था इतना ही नहीं मालखाना से बंदूक तक गायब हुई है। बाद में पुलिस को काफी परेशानी हुई है। ई-मालखाना बनने से यह सब समस्याएं समाप्त हो जाएगी।
पुराना माल सड़-गल जाने से होती है काफी परेशानी
एटा। मामले कई सालों तक चलते है जिसमें पुराना काफी सड़ गल जाता है जिससे काफी परेशानी होती है। ई-मालखाना बनने से यह सब समस्या समाप्त हो जाएगी और माल भी सुरक्षित ही रखेगा।
एडीजी जोन के निर्देश पर तीन थानों का पायलट योजना के तहत चयन किया गया है। प्रारंभिक चरण में कोतवाली देहात, मिरहची, रिजोर में ई-मालखाना बनेगे। ई-मालखाना बनने से काफी मदद मिलेगी। इसे लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- उदय शंकर सिंह, एसएसपी एटा।