
लोकसभा क्षेत्र बांसगांव से कमलेश पासवान तीसरी बार सांसद, भाग्य के दिया साथ बाल-बाल बची सांसदी: अखिलेश-शिवपाल की गिरफ्तारी के खिलाफ किया था चक्का जाम कोर्ट ने डेढ़ साल की सुनाई सजा*
14 साल पुराने मामले में सुनवाई करते हुए एमपी एमएलए कोर्ट ने सांसद समेत 8 लोगों को डेढ़ डेढ़ साल की सजा सुनाई है l इसके साथ ही इन पर अर्थदंड भी लगाया गया है l कमलेश पासवान की सांसदी जाते-जाते बची है l
उत्तर प्रदेश की गोरखपुर की बांसगांव सीट से बीजेपी सांसद कमलेश पासवान को कोर्ट ने डेढ़ साल की सजा सुनाई है l इस दौरान उनकी सांसदी जाते-जाते बच गई कारण, किसी भी विधायक या सांसद को 2 या उससे अधिक वर्ष की सजा पर उसकी विधायकी-सांसदी रद्द होने का प्रवाधान है l दरअसल, 14 साल पुराने मामले में सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने सांसद समेत 8 लोगों को डेढ़-डेढ़ साल की सजा सुनाई है l इसके साथ ही इन पर अर्थदंड भी लगाया गया है l
जनवरी–2008 में अखिलेश व शिवपाल यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ कमलेश समेत अन्य नेताओं ने बीआरडी कॉलेज के मुख्य गेट के सामने चक्का-जाम किया था l तब कमलेश समाजवादी पार्टी में हुआ करते थे l तब प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया था l तब पुलिस कमलेश पासवान समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था l
गौरतलब है कि कमलेश पासवान लगातार तीसरी बार बांसगांव सीट से सांसद चुने गए हैं l उनकी मां सुभावती भी सांसद रह चुकी हैं l वहीं उनके पिता ओम प्रकाश पासवान 1989 से 1991 और फिर 1993 में विधायक रहे थे l 1996 में बांसगांव में लोकसभा चुनाव की एक सभा के दौरान उनकी हत्या कर दी गी थी l