
एटा। सुनकर अजीब लगा लेकिन घटना सत्य है एटा डिपो की बस up 81AF 2466 कल एटा से शिकोहाबाद के लिए चालक बन्टू और परिचालक अर्जुन सिंह लेकर गए थे सवारिया उतारकर शिकोहाबाद में रात्रि विश्राम करना था लेकिन ऐसा हुआ नहीं! शिकोहाबाद डिपो से एटा डिपो की बस चोरी हो गई। चोरी छिपे ARM को इसकी जानकारी दी गई या नहीं दी गई? मामला संदिग्ध है। रात 12 शिकोहाबाद डिपो से गाड़ी निकल कर जाती है कहाँ जाती है किसी को कानों कान खबर नहीं। बस और चालक परिचालक का कोई पता नहीं उनके मोबाईल फोन भी सुच ऑफ रहे। इस घटना को विभाग के कर्मचारियों ने जानबूझकर छुपाया गया। लेकिन मजे की बात सामने जब आई तो देखा गया कि बस 3/4 बजे के करीब शिकोहाबाद कोतवाली में खड़ी पाई गई। मामला सोचने पर बिवस करदेता है कि बस बिना विभागीय कार्यवाही के थाने कैसे पहुँची? बस थाने पहुँची भी थी तो उसकी बैटरी गायब!
मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त चालक बन्टू पहले भी बस की बैटरी बेच चुका है। विभाग ने उपरोक्त प्रकरण में किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जबकि ऐसे प्रकरण विभाग में आयेदिन होते रहते है इसलिए अधिकारी कोई एक्शन नहीं लेते है। गाड़िया चालकों को महीने दारी पर बेचीं जाती है। उनसे धन वसूली होती है तो मनमानी भी चलेगी।