
एटा – देवोत्थान के दिन पहला सहालग होने के कारण शहर के सभी बैंडबाजा, गेस्ट हाउस, घोडी, बग्घी आदि बुक हो चुके है। सहालग के शुरूआती दिन जनपद में सैकड़ों शांदियों की धूम रहेगी। अनुमान के अनुसार देवोत्थान पर पांच सौ अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंध जाएगे।
देवोत्थान के दिन पहला सहालग होने से एक दिन पहले गुरुवार को शहर के मुख्य बाजार घंटाघर, बाबूगंज, बांस मंडी आदि बाजारों में ज्वैलरी शोरूमों एवं दुकानों पर जेवर खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। शादी समारोह आयोजकों ने वर-वधु को उपहार बतौर देने के लिए एक से बढ़कर एक फैंसी जेवरों के अलावा चांदी के बर्तनों की भी खरीदारी की। इसके अलावा लोहा मंडी स्थित बर्तन की दुकानों पर स्टील, पीतल, तांबा एवं नॉन स्टिक बर्तनों की भी खरीदारी हुई। घंटाघर स्थित फल की दुकानों पर शादी समारोह में उपहार बतौर देने को लेकर वैवाहिक कार्यक्रम आयोजकों ने फलों की आकर्षक टोकरियां भी सजवाई।
*महिला बाजार में वस्त्रत्त्, कॉस्मेटिक एवं ब्यूटी पार्लरों पर भीड़*
एटा। गुरुवार को शहर के मुख्य महिला बाजार बाबूगंज स्थित साड़ी एवं रेडीमेड गारमेंट्स पर महिलाओं एवं युवतियों की फैंसी परिधान की खरीदने को लेकर भीड़ लगी रही। महिलाओं ने शादी समारोह में आकर्षक दिखने को लेकर लांचा, लहंगा, टूपार्ट साड़ी, जरी वाली साडी, कामवाली साड़ी आदि की खरीदारी की। इसके अलावा कॉस्मेटिक की दुकानों पर सौंदर्य प्रसाधनों की खरीदारी को लेकर महिलाओं के झुक्कान से लगे रहे। इतना ही नहीं ब्यूटी पार्लरों पर सजने संवरने को लेकर महिलाओं की लाइनें लगी रही। ब्यूटी पार्लरों पर मेहंदी लगावाने को लेकर महिलाएं एवं युवतियां काफी उत्सुक बनी रही। शादी समारोह में फैंसी चूड़ी एवं चूड़ा पहनने को लेकर मनिहारों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही।
*देवोत्थान पर आज घर-घर जगेंगे देव, शुरू होंगे मांगलिक कार्य*
एटा, – देव उठानी एकादशी यानी देवोत्थान से एक दिन पहले शहर के मुख्य बाजारों में विभिन्न प्रकार के सामानों की खरीदारी हुई। देवोत्थान के दिन देवों को जगाने के लिए लोगों ने गन्ना, *शकरकंध एवं सिघाड़ों की जमकर खरीदारी की।*
देवोत्थान से एक दिन पहले गुरुवार को शहर के तिराहों, चौराहों एवं मार्गों पर गन्नों से सजी दुकानों पर पहुंच लोगों ने जमकर गन्नों की खरीदारी की। गन्ना विक्रेता ने एक गन्ना दस रुपये से लेकर तीस रुपये तक बेचते रहे। इसके अलावा मुख्य बाजार घंटाघर स्थित सब्जी मंडी एवं प्रेमनगर, रेलवे रोड आदि स्थानों पर लगाने वाली सब्जी मंडियों में शकरकंध, सिघाड़े आदि की भी जमकर खरीदारी की गई। देवोत्थान के समय सिंघाड़े एवं शकरकंध की डिमांड अधिक होने के कारण विक्रेताओं ने भी इस बात का जमकर फायदा उठाया। सिंघाड़े 30 एवं शकरकंध 40 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचे। घरों में खडिया एवं गेरू से देवों की आकृति बनाने को लेकर लोगों ने किराना बाजार पहुंच खड़िया, चावल एवं गेरू की भी बढ़चढ़ कर खरीदारी की। देवोत्थान के दिन घर-घर देव जगाने को लेकर लोगों में काफी उत्साह बना हुआ है। माना जाता है कि हिन्दू रीतिरिवाज में देव जगाने के वाले दिन से ही मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाती है। देवों की पूजा करने से घर में मांगलिक कार्यक्रम र्निविघ्न होते हैं। देवोत्थान के दिन विधि-विधान से घर-घर देव जगाए जाते है। जो कि बेहद शुभ कार्य माना जाता है। देवोत्थान के दिन घर के बड़े एवं बुजुर्ग अविवाहित युवक, युवतियों से छिपाकर देवों को जगाने की पूजा अर्चन
*शुभ मुहूर्त अनुसार करें धार्मिक कार्य*
एटा, – गुरुवार को कैलाश मंदिर के महंत धीरेंन्द्र झा ने बताया कि देव उठनी एकादशी कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कहते हैं। इस बार देव उठनी एकादशी 04 नवंबर को यानी आज है। शास्त्रत्तें में इसे प्रबोधिनी या फिर देव उत्थानी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु चार माह के निद्रा काल से जागते हैं और पुन सृष्टि के पालन का कार्यभार संभालते हैं। इस दिन सालिगराम एवं तुलसी विवाह का भी आयोजन किया जाता है। देवउठनी एकादशी के दिन से ही शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यो का शुभारंभ हो जाता हैं। देवोत्थान के दिन व्रत उपवास करने वाले उपासक सुबह जल्दी स्नान करें और व्रत का संकल्प करें। भगवान विष्णु के समक्ष दीप प्रज्जवलित करें। गंगा जल से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें। जगत के पालनहार को सात्विक चीजों का भोग लगाए। शाम को तुलसी के समक्ष दीप जलाएं। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। अगले दिन द्वादशी के दिन शुभ मुहूर्त पर व्रत खोलें। ब्राह्मणों को भोजन कराकर प्रसाद वितरण करें।
*फुटवियर शोरूमों में लगी रही खरीदारों की भीड़*
एटा। देवोत्थान के दिन शादी सामारोह में शामिल होने से पहले अधिकांश लोगों ने गांधी मार्केट एवं जीटी रोड स्थित फुटवियर शोरूमों पर फैंसी फुटवियरों की खरीदारी की। वहीं शोरूमों पर वर-वधु के लिए फैंसी जूता, चप्पल, जूतियां, स्लीपर, राजस्थानी जूती, नौक वाली जूती आदि की डिमांड बनी रही। फुटवियर शोरुमों पर महिलाओं, पुरुष युवक, युवतियों एवं बच्चों की भीड़ लगी।