एटा,

सरकार के निर्देशानुसार दीपावली से पूर्व ही आईसीडीएस विभाग द्वारा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को उच्च गुणवत्ता का पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। शिशु, गर्भवती, व धात्री महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य व सही पोषण को गति प्रदान करने के उद्देश्य से आईसीडीएस विभाग द्वारा जिले में टेक होम राशन (पोषाहार) का प्रीति माह वितरण किया जाता है। आईसीडीएस विभाग आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व स्वयं सहायता समूह के सहयोग से सूखा राशन गेहूं दलिया, दाल, चावल व खाद्य तेल वितरित करता है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) संजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अक्टूबर में कुल 2.4 लाख से अधिक लाभार्थियों को पोषाहार वितरित किया जाना है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत लाभार्थियों को पोषाहार वितरित किया जा चुका है। त्योहार की लम्बी छुट्टी के चलते शेष लाभार्थियों को भी दिवाली से पूर्व राशन मुहैया करा दिया जाएगा, जिससे कि उनके पास पोषाहार की कमी न होने पाए|
डीपीओ ने बताया कि जिले में प्रतिमाह पोषाहार के रूप में गर्भवती व धात्री महिलाओं को 1.5 किलो गेहूं, दलिया, एक किलो चावल व दाल एवं 455 ग्राम खाद्य तेल वितरित किया जाता है। 6 माह से 03 वर्ष के बच्चो को एक किलो गेहूं, दलिया, चावल व दाल एवं 455 ग्राम खाद्य तेल वितरित किया जाता है। 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चो को 500-500 ग्राम गेहूं दलिया,चावल व दाल वितरित की जाती है। इसके अलावा अति कुपोषित बच्चो को 1.5 किलो गेंहू दलिया, चावल व 2 किलो दाल एवं 455 ग्राम खाद्य तेल वितरित किया जाता है।
पोषण अभियान जिला समन्वयक संजीव पचौरी ने बताया कि शासन की ओर से दिए जाने वाले पोषाहार (ड्राई राशन) के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में पंजीकृत लाभार्थियों में से 97 प्रतिशत लाभार्थियों का आधार वेरिफिकेशन किया जा चुका है। उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि शेष लाभार्थी जल्द अपना आधार वेरिफिकेशन कर लें। जिससे उन्हें भी पोषाहार वितरित किया जा सकेगा।