
बरेली । थाना देवरनिया क्षेत्र का है। मृतका आलिया की मां मेमुना (निवासी इंदौर) ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। ससुरालियों की भूख यहीं खत्म नहीं हुई, उन्होंने मायके वालों से सीधे 25 लाख रुपयों की भारी-भरकम मांग रख दी। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो बेरहमी से मारपीट कर आलिया की हत्या कर दी गई।
इस मामले में पुलिस ने बीएनएस (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
बरेली पुलिस की टीम लगातार आरोपियों की घेराबंदी में जुटी थी। उप-निरीक्षक मुकेश कुमार, सिपाही बिट्टू सिंह और सिपाही राजन की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर नैनीताल-बरेली हाईवे पर शेरिया इंटर कॉलेज के पास जाल बिछाया।
करीब 11:50 बजे पुलिस ने भागने की फिराक में खड़े दोनों नामजद आरोपियों—
साजिद शेख (पति)
नन्हे (ससुर)
को धर दबोचा। दोनों आरोपी कस्बा देवरनिया के वार्ड नंबर 13 के रहने वाले हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। कानून के हाथों से कोई नहीं बच सकता, और बरेली पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि दहेज के लिए बेटियों की जिंदगी से खेलने वालों का ठिकाना सिर्फ और सिर्फ जेल की सलाखें हैं।