
बरेली । अब जनपद में अपराधियों की खैर नहीं और बेफिक्र जनता को मिल रहा है हाईटेक सुरक्षा का भरोसा! शहर में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की ‘तीसरी आंख’ यानी हाई-डेफिनिशन कैमरों का नेटवर्क 24 घंटे हर हरकत पर पैनी नजर बनाए हुए है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश और एसपी ट्रैफिक मोहमद अकमल खां के पर्यवेक्षण में ICCC की टीम ने सितंबर माह में तकनीक और मुस्तैदी की मिसाल पेश की है।
वीडियो एनालिटिक्स और डिजिटल मॉनिटरिंग की मदद से पुलिस ने न केवल अपराधों की कड़ियां जोड़ीं, बल्कि कई संगीन मामलों का सफल अनावरण भी किया। टीम की मदद से:
10 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ (इज्जतनगर, बारादरी, आंवला, कोतवाली, प्रेमनगर, सुभाषनगर, कैंट, शाही और हाफिजगंज क्षेत्र)।
बारादरी में छिनैती, भोजीपुरा में लूट, कैंट में गोवध और इज्जतनगर में एक्सीडेंट जैसे गंभीर मामलों में भी तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए।
यही नहीं, सफर के दौरान या शहर में कहीं छूटे और गुम हुए कीमती सामान को ढूंढने में भी ICCC देवदूत साबित हुआ। बरेली, संभल, बदायूं और पीलीभीत तक के कई नागरिकों के खोए हुए बैग, जरूरी दस्तावेज, कपड़े, मोबाइल, टैबलेट और स्पीकर ढूंढकर उनके असली मालिकों को सकुशल सौंपे गए। सामान वापस पाकर पीड़ितों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी ।
इस पूरे मिशन को 24 घंटे मुस्तैद रहकर अंजाम दिया—
निगरानी टीम: उनि निखिल कुमार, का. नितिन कुमार, म.का. शालू और म.का. स्वाति।
ट्रेस करने वाली टीम: उनि मयंक, म.उनि शालू पंवार, म.का. शिल्पी व का. अकरम मौजूद रहे।