देहात से भी बदतर हो गई जिला मुख्यालय की बिजली आपूर्ति, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा – वर्तमान में जिला मुख्यालय पर बिजली आपूर्ति की स्थिति देहात क्षेत्रों से भी बदतर बनी हुई है। सुबह, दोपहर, शाम एवं रात को बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं रहा है। सर्दियां होने के कारण बिजली की खपत अधिक होने से अधिकारी अघोषित बिजली कटौती कराने में लगे हैं। इससे शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शासनादेश के अनुसार जिला मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के आदेश हैं। विद्युत वितरण निगम के अधिकारी शासनादेश को ताक पर रखकर अपनी मर्जी के मुताबिक शहर में बिजली आपूर्ति दें रहे हैं। सुबह पांच से सात बजे तक दो घंटे, इसके बाद सुबह 10 से 11 तक एक घंटे प्रतिदिन बिजली कटौती की जा रही है। इसके बाद दोपहर में 12 से शाम छह बजे तक हर आधे घंटे के अंतराल पर आधा-आधा घंटे बिजली कटौती की जा रही है।
इतना ही नहीं रात को सात बजे से नौ बजे तक ट्रिपिंग का सिलसिला बना हुआ है। बिजली कटौती का प्रतिदिन का यहीं हाल बना रहने से शहरवासियों को बिजली संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित बिजली कटौती के संबंध में उपभोक्ता बिजली अधिकारियों से बात कर रहे हैं। उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर गुमराह किया जा रहा है। इसके अलावा विद्युत वितरण निगम की हेल्पलाइन नंबर 1912 पर भी कॉल करने के बाद समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा है।
डीवीवीएनएल के तहत आने वाले 21 शहर में से एटा बिजली लॉस में सबसे ऊपर है।
एटा में 35 फीसदी लाइन लॉस हो रहा है। इसे रोकने के लिए शहर में सुबह, दोपहर, शाम को चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान केवल उस क्षेत्र की ही बिजली काटी जाती है, जहां अभियान चल रहा होता है।
राजकुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल
शहर में चेकिंग के दौरान कुछ समय के लिए उसी क्षेत्र की बिजली बंद की जाती है। वैसे कटौती नहीं की जा रही है। गुरुवार को सुबह दो घंटे समूचे शहर की बिजली मुख्य बिजलीघर में तकनीकि समस्या के कारण बंद रही थी।
गुरुचरन लाल भटनागर, एक्सईएन, विद्युत वितरण शहरी खंड