इंडियन एक्सप्रेस (18 नवंबर, 2024) में सुहास पलसीकर लिखते हैं : “हमारे लोकतंत्र के साथ जो गड़बड़ी है, बुलडोज़र उसका एक अभिलक्षण है। अदालत ने आख़िरकार भौतिक बुलडोज़र पर ग़ौर फ़रमाया है और इसके...
भारतीय मीडिया फाउंडेशन का पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण कार्यभारतीय मीडिया फाउंडेशन एक ऐसा संगठन है जो पत्रकारिता और सामाजिक कार्य के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करता है। यह संस्था...
जी20 में ऊंची–ऊंची फेंककर आए महामानव का मुंह एक ही रात में काला हो गया है। उसके मालिक गौतम अदानी को अमेरिकी अभियोजकों ने चोर ठहराया है मार्च 2023 में एफबीआई ने गौतम अदानी...
भारत में आर्थिक स्थिति और केंद्रीय बैंक के फैसलों पर लगातार चर्चा होती रहती है, विशेष रूप से तब जब महंगाई दर अधिक हो और सरकार की नीतियां अर्थव्यवस्था पर असर डालने वाली हों।...
अयोध्या विवाद : किन्हें, क्यों और कैसे याद आएंगे चंद्रचूड़?(आलेख : कृष्ण प्रताप सिंह) देश के 50वें चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत (डीवाई) चंद्रचूड़ अंततः इस ‘चिंता’ के साथ सेवानिवृत्त हो गए कि क्या...
पर हम हैं क्या इनके बिना गौरे तलब मुद्दा तो यह है–पुलिस, सैनिक,और कलम, की हैसियत का आंकलन हर किसी से नहीं हो सकता है–क्यों कि इनकी स्वतंत्रता के हाथ बांधकर इन्हें लक्ष्य विहीन...
मेरे अपने निजी अनुभव और विचार के मुताबिक़ यह घटना एक इंटरनल गैंगवॉर है। विनोद तावड़े महाराष्ट्र से है और क्या पता कल को सीएम प्रत्याशी न बन कर खड़े हो जाये क़तार में!!...