*महिला बंदियों को मिलेगा हुनर, बनेंगी आत्मनिर्भर, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा। विभिन्न मामलों में जेल में निरुद्ध महिला बंदियों को कारागार प्रशासन व्यवसायिक हुनर मुहैया कराएगा। जिससे महिलाएं हुनर का प्रयोग कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। अभी जेल में महिला बंदियों के लिए इस तरह का कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं चल रहा है।
कारागार भारती अभियान के तहत यह पहल की जा रही है। जेल में निरुद्ध 58 महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सात दिन का सिलाई, कढ़ाई, बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामाजिक संस्था राष्ट्रीय युवा शक्ति को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। एटा से शुरूआत करने के साथ ही यह संस्था अन्य जिलों के कारागारों में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की तैयारी में है। प्रशिक्षण 23 जुलाई से शुरू किया जा रहा है।
इसमें प्रशिक्षक बंदियों को सिलाई से संबंधित विभिन्न गुर सिखाएंगे जो महिलाओं को हुनर प्रदान करेंगे। इसके बाद महिलाएं कारागार में भी रहकर व्यवसायिक गतिविधियां कर सकेंगी। वहीं कारागार से बाहर निकलने पर उनके पास कमाई का जरिया होगा जो उन्हें रोजगार से जोड़ेगा और महिलाएं अपने पारिवारिक जीवन को खुशहाल बना पाएंगी।