
मेडिकल कॉलेज में आईं 84 तरह की दवाएं, कम होगी परेशानी
एटा। मेडिकल कॉलेज में चल रही दवाओं की कमी को दूर करने के लिए 84 प्रकार की दवाएं आ गई हैं। दवाओं का वितरण सामान्य मरीजों को ही किया जाएगा। इनमें सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज शामिल होंगे। जबकि गंभीर बीमार लोगों को भर्ती करके उपचार दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में अभी तक पेट दर्द, बदन दर्द, गैस, सांस फूलने, खुजली, उल्टी, बीपी और आंखों की दवाओं की कमी चल रही थी। इन बीमारियों समेत 84 तरह की दवाएं सोमवार को मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध कराई गईं हैं। इन दवाओं के आ जाने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी, लेकिन मेडिकल कॉलेज में इन दवाओं का वितरण सामान्य रूप से नहीं होगा। पर्चे पर सर्दी, जुकाम, बुखार से संबंधित दवाएं ही दीं जाएंगी। जबकि अन्य बीमारी से संबंधित लोगों को भर्ती होना होगा। इसके बाद वार्ड में हीं दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मरीज जब तक ठीक नहीं हो जाता है, भर्ती करके ही उपचार किया जाएगा।
यह दवाएं मरीजों के लिए आईं
मरीजों का उपचार करने के लिए एंटीबायोटिक सिप्रोफ्लेक्सिन, गैस के लिए रेनीटिडिन, आंखों के लिए एप्लीकेप व सीएमसी ड्रॉप, प्रोवीडेम लोशन, सिटरजिन, डौलिन, एविल आदि 84 तरह की दवाएं आई हैं।